चीफ़ एडिटर – अमर नाथ साहू
मण्डल ब्यूरो – चन्दन रंजीत यादव

वाराणसी में रविवार को मौसम का मिजाज बदला रहा। दिनभर हल्के बादल छाए रहने से लोगों को तेज धूप से राहत मिली। उधर, मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे में मानसून के दोबारा सक्रिय होने का अनुमान जताया है। इस दौरान कुछ स्थानों पर झमाझम बारिश तो कहीं बूंदाबांदी के आसार हैं।
गंगा और वरुणा के बढ़ते जलस्तर पर प्रशासन सतर्क
जिला प्रशासन गंगा और वरुणा के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए है। सावन में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रमुख घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है। केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार रविवार को वाराणसी में गंगा का जलस्तर 61.76 मीटर दर्ज किया गया। हालांकि जलस्तर में धीरे-धीरे कमी आने लगी है।
पिछले वर्ष 1 अगस्त को गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 71 मीटर के करीब पहुंच गया था, जबकि इस वर्ष जलस्तर अभी उससे लगभग 9 मीटर नीचे है। वहीं, वरुणा नदी का जलस्तर 68.8 मीटर दर्ज किया गया है, जिस पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है।
दशाश्वमेध घाट, अस्सी घाट पर गश्त बढ़ी
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के लिए ललिता घाट पर स्टील की रेलिंग लगाई गई है। लगातार हो रही बारिश और ऊपरी क्षेत्रों से पानी छोड़े जाने के कारण गंगा और वरुणा नदियों के जलस्तर में वृद्धि हुई है। इसके चलते कई निचले इलाकों तथा कुछ घाटों की सीढ़ियों तक पानी पहुंच गया है। स्थिति को देखते हुए जल पुलिस ने दशाश्वमेध घाट, अस्सी घाट, राजघाट, नमो घाट समेत सभी प्रमुख घाटों पर गश्त बढ़ा दी है। नाव संचालकों को निर्धारित सीमा के भीतर ही नाव संचालन करने तथा क्षमता से अधिक यात्रियों को नाव में न बैठाने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।




