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रजनीगंधा के 50 हजार मालाओं से सजेगा बाबा का धाम: सोमवार को 40 हजार यादव बंधु जलाभिषेक करेंगे, मंदिर के बाहर लगा बैरिकेडिंग

चीफ़ एडिटर – अमर नाथ साहू
मण्डल ब्यूरो – रोहित चौरसिया

वारणसी में सावन माह की शुरुआत के साथ ही नजारा बदला हुआ है। धर्मनगरी काशी शिवभक्ति के रंग में पूरी तरह रंग गई है। प्रमुख शिवालयों में ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयघोष गूंजने लगे हैं। सावन के पहले सोमवार को लेकर प्रशासन, मंदिर प्रबंधन और विभिन्न धार्मिक संगठनों ने तैयारियां कर ली हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा, यातायात और दर्शन व्यवस्था को विशेष रूप से मजबूत किया गया है।
सावन के पहले सोमवार को श्रीकाशी विश्वनाथ धाम, मार्कंडेय महादेव सहित शहर के सभी प्रमुख शिवालयों में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए मंदिरों के बाहर बैरिकेडिंग की गई है, परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है और दर्शन-पूजन के लिए अलग-अलग कतारों की व्यवस्था की गई है। रविवार से ही श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई हैं।

94वें वर्ष निकलेगी यादव बंधुओं की जलाभिषेक यात्रा

चंद्रवंशी गोप सेवा समिति के बैनर तले इस वर्ष भी परंपरागत 94वीं जलाभिषेक यात्रा निकाली जाएगी। समिति के अध्यक्ष लालजी चंद्रवंशी ने बताया कि लगभग 40 हजार यादव बंधु करीब 17 किलोमीटर की यात्रा कर सात शिवालयों और दो देवालयों, कुल नौ धार्मिक स्थलों में जलाभिषेक और दर्शन-पूजन करेंगे।

यात्रा का मार्ग

जलाभिषेक यात्रा की शुरुआत सुबह 7:30 बजे केदार घाट से होगी। श्रद्धालु सबसे पहले गौरी-केदारेश्वर महादेव का जलाभिषेक करेंगे। इसके बाद तिलभांडेश्वर महादेव पहुंचेंगे। फिर शीतला घाट से गंगाजल भरकर माता शीतला और मान मंदिर घाट स्थित अहिलेश्वर महादेव का जलाभिषेक करेंगे।

इसके बाद यात्रा श्रीकाशी विश्वनाथ धाम पहुंचेगी, जहां श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक और दर्शन करेंगे। इसके पश्चात महामृत्युंजय महादेव, त्रिलोचन महादेव, ओंकारेश्वर महादेव तथा अंत में लाटभैरव बाबा के दर्शन और जलाभिषेक के साथ यात्रा का समापन होगा।

समिति के अनुसार श्रद्धालु मणिकर्णिका घाट से जल लेकर पश्चिमी द्वार (सिंहद्वार) से विश्वनाथ धाम में प्रवेश करेंगे और लढुंढ़ीराज गेट के रास्ते मंदिर पहुंचेंगे। मंदिर प्रशासन ने 21 श्रद्धालुओं को गर्भगृह में विशेष जलाभिषेक की अनुमति प्रदान की है।

मां काली के शहर से बाबा को सजाने आएंगे रजनीगंधा के 50 हजार फूल

सावन में बाबा विश्वनाथ के धाम को सजाने के लिए मां काली के नगर कोलकाता के 50 हजार रजनीगंधा, गुलाब, गेंदा, बेला और जलबेड़ा के फूल आएंगे। इन फूलों से धाम की भव्य सजावट होगी। मंदिर सजाने वाले मालियों ने खुद ही ये ऑर्डर देकर मंगवाए हैं। सावन के चारों सोमवार पर ये खास सजावट होगी।

हर सोमवार को गेंदे की 3000, रजनीगंधा की 1500, गुलाब और जलबेड़ा की 500-500 माला से मंदिर के भवनों को सजाया जाएगा। पूरे मंदिर को सजाने में 10 से 12 घंटे का समय लग जाता है।

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