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भूमि विवाद में हिंसक झड़प, कई घायल; पुलिस जांच में जुटी, भ्रामक प्रचार पर उठे सवाल,रसड़ा इंस्पेक्टर पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद! नहीं मिला कोई सबूत

संवाददाता : रवि प्रताप आर्य

बलिया। , 3 जुलाई। रसड़ा थाना क्षेत्र के बैजलपुर गांव में शुक्रवार को जमीनी विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। दोनों पक्षों के बीच हुए विवाद में लाठी-डंडे, चाकू तथा अन्य धारदार हथियार चलने से कई लोग घायल हो गए। घटना में एक युवक को चाकू लगने की सूचना है। गंभीर रूप से घायल लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए मऊ रेफर किया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, विवादित भूमि की पैमाइश एवं सीमांकन के संबंध में उपजिलाधिकारी (एसडीएम) रसड़ा द्वारा 6 जुलाई को कार्रवाई की तिथि निर्धारित की गई थी। इस बीच स्थानीय पुलिस प्रशासन ने दोनों पक्षों से तब तक यथास्थिति बनाए रखने तथा शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की थी। बताया जा रहा है कि शुक्रवार को एक पक्ष के संतोष सिंह द्वारा विवादित भूमि पर निर्माण कार्य शुरू कराया गया। आरोप है कि जब दूसरे पक्ष के लोग निर्माण कार्य रुकवाने पहुंचे तो विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों में कहासुनी के बाद हिंसक झड़प हो गई। आरोप है कि इस दौरान लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला किया गया, जिसमें अर्जुन सिंह पुत्र हृदय नारायण सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए।

उनके साथ अन्य घायलों का भी मऊ के अस्पताल में उपचार चल रहा है। गंभीर रूप से घायल अर्जुन सिंह का कहना है कि प्रशासन द्वारा यथास्थिति बनाए रखने के निर्देशों के बावजूद विवादित भूमि पर संतोष सिंह व उनके लोगों द्वारा निर्माण कार्य कराया गया, जिससे तनाव की स्थिति उत्पन्न हुई और कानून व्यवस्था प्रभावित हुई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। इधर घटना की गहनता से जाँच संचालित है तो उधर तथाकथित पत्रकारों का एक गुट रसड़ा पुलिस व रसड़ा इंस्पेक्टर को बदनाम करने के उद्देश्य से शांति व्यवस्था बिगाड़ने के आरोपी से ही भड़काऊ बयान लेकर सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दिया। सूत्रों की मानें तो तथाकथित दलाल पत्रकारों ने पहले आरोपी को अपने अनुसार समझया फिर रसड़ा पुलिस व रसड़ा इंस्पेक्टर को बदनाम करने वाली बात कहलवाई। फेसबुकिया पत्रकारों ने फर्जी कहानी व फर्जी बातों का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया ताकि पुलिस की छवि धूमिल हो सके।

सूत्रों की मानें तो आरोपी संतोष सिंह की ज़ब जबरिया निर्माण कार्य की मंशा पूरी नहीं हो सकी तो उसने खुन्नस खाकर रसड़ा पुलिस व रसड़ा इंस्पेक्टर को बदनाम करने की नीयत से गंभीर आरोपों को जड़ते हुए सोशल मीडिया में बयान दिया।
संतोष सिंह के बयानों की ज़ब जाँच की गईं तो बयान के सम्बन्ध में रसड़ा इंस्पेक्टर योगेंद्र बहादुर सिंह के खिलाफ एक भी साक्ष्य नहीं मिल सके। वहीं संतोष सिंह ने भी एक भी साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया। केवल मौखिक बातें व मनगढ़ंत कहानियां ही मिली। बताया जा रहा है कि निराधार आरोपों का जिस दल्ला तथाकथित पत्रकार गुट ने वीडियो प्रसारित की है वो कई दिनों से रसड़ा इंस्पेक्टर को बदनाम करने के लिए दिन – रात एक कर बैठे हैं लेकिन जाको राखे साइयां मार सके ना कोय,बाल न बांका कर सके जो जग बैरी होय।

बुद्धिजीवी वर्ग के लोगों ने की कड़ी निंदा

रसड़ा। शहर व ग्रामीण क्षेत्र के लोगों ने कहा कि जो अधिकारी दिन-रात जनता की सेवा में लीन हो वैसे अधिकारियों पर बेबुनियाद निराधार आरोप लगाना नीच – गलीच मानसिकता को प्रदर्शित करता है। केवल मुंह से ठांय – ठांय करना ये कहां की बहादुरी है। अगर आरोप सत्य हैं तो साक्ष्य कहां है? बिना किसी ठोस प्रमाण के अधिकारियों पर ऐसे मौखिक आरोप लगाना कानून व नैतिक अपराध है।

कल ही रसड़ा के व्यापारियों ने इंस्पेक्टर योगेंद्र बहादुर सिंह को किया था सम्मानित

रसड़ा। व्यापार कल्याण समिति, रसड़ा ने थाना प्रभारी रसड़ा योगेन्द्र बहादुर सिंह तथा उत्तरी चौकी इंचार्ज कुलदीप कुमार को संरक्षक सुरेश चन्द के नेतृत्व में माल्यार्पण कर अंगवस्त्र और सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया। अधिकारी द्वय को उनकी कार्य कुशलता, प्रशासनिक कर्तव्यों का निर्वहन एवं विगत महीनों में सम्पन्न धार्मिक आयोजनों एवं त्योहारों के साथ ही श्री नाथ बाबा रोट पूजन को सौहार्द एवं शांति पूर्ण सम्पन्न कराने तथा नगर तथा आस-पास के गांवों में हुई चोरी की घटनाओं का सफल अनावरण कर सामान बरामदगी के साथ ही अपराधियों को गिरफ्तार कर घटना का पर्दाफाश कर व्यापारियों तथा नागरिकों का विश्वास तथा भरोसा कायम करने के लिये सम्मानित किया गया था। इस अवसर पर अध्यक्ष मुहम्मद युनूस, कार्यकारी अध्यक्ष गोपाल जी, महामंत्री आशुतोष सोनी, विश्वकर्मा सेवा समिति रसड़ा के अध्यक्ष एवं सक्रिय सदस्य दीनदयाल शर्मा एवं वरिष्ठ पत्रकार रवि कुमार आर्य आदि सदस्य उपस्थित रहे।

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