HomeUncategorizedवाराणसी में शीतला माता मंदिर तक पहुंचा पानीः वरुणा में भी उफान,...

वाराणसी में शीतला माता मंदिर तक पहुंचा पानीः वरुणा में भी उफान, आसमान में छाए बादल; गंगा का जलस्तर 68.35 मीटर पहुंचा

चीफ़ एडिटर – अमर नाथ साहू
रिपोर्ट – सत्यम गुप्ता

Oplus_16908288

वाराणसी में गुरुवार सुबह से आसमान में बादल छाए रहे। बीच-बीच में हल्की बूंदाबांदी हुई, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मौसम विज्ञानी प्रो. मनोज श्रीवास्तव के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में बना निम्नदबाव का क्षेत्र कमजोर पड़ गया है।

इसके चलते तेज बारिश का पूर्वानुमान सही नहीं रहा। फिलहाल वाराणसी में तेज बारिश की संभावना कम है। गुरुवार को अधिकतम तापमान 31.5 डिग्री और न्यूनतम 24.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दूसरी ओर, गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, हालांकि पानी बढ़ने की रफ्तार अब काफी धीमी हो गई है।

गुरुवार सुबह नदी का जलस्तर 68.35 मीटर दर्ज किया गया। घाटों की कई सीढ़ियां पानी में डूब गई हैं। शीतला घाट स्थित मां शीतला मंदिर तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। गंगा के पलट प्रवाह से वरुणा नदी भी उफान पर है और तटवर्ती इलाकों में पानी बढ़ने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
शीतला मंदिर तक पहुंचा बाढ़ का पानी

गंगा का पानी बढ़ने से बुधवार को शीतला घाट पर भी असर दिखाई दिया। यहां बाढ़ का पानी मां शीतला मंदिर परिसर तक पहुंच गया। पानी आने के कारण मंदिर में पूजा-पाठ और दर्शन प्रभावित हुए हैं। श्रद्धालुओं की आवाजाही भी बाधित हुई है।

घाट की कई सीढ़ियां जलमग्न होने के साथ आसपास के निचले हिस्सों में भी पानी फैल रहा है। प्रशासन की टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और तटवर्ती इलाकों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है।

Oplus_16908288

गंगा का जलस्तर बढ़ा, घाटों पर गतिविधियां प्रभावित

गंगा का जलस्तर बढ़ने से घाटों पर बाढ़ का असर लगातार बढ़ रहा है। कई घाटों की सीढ़ियां पानी में डूब चुकी हैं। तटवर्ती इलाकों के निचले हिस्सों में भी पानी का दायरा बढ़ रहा है। मणिकर्णिका घाट पर भी गंगा का पानी बढ़ने से सामान्य व्यवस्था प्रभावित हुई है। यहां छत पर शवदाह किया जा रहा है। वहीं काशी विश्वनाथ मंदिर का गंगा द्वार भी पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है।
गंगा के पलट प्रवाह से वरुणा उफनी

गंगा के बढ़े जलस्तर का असर वरुणा नदी पर भी पड़ा है। गंगा के पलट प्रवाह के कारण वरुणा का पानी बढ़ गया है। शैलपुत्री मोहल्ले और आसपास के कई घर बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बाढ़ का पानी शैलपुत्री मंदिर रोड की तरफ भी बढ़ रहा था। इससे स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है और कई रास्तों पर आवागमन प्रभावित हुआ है।
नगवा में राहत शिविर बनाने की तैयारी

नगवा नाला में पानी लगातार बढ़ने के बाद प्रशासन ने संभावित बाढ़ प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी शुरू कर दी है। क्षेत्रीय लेखपाल सपना राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचीं और राहत शिविरों के लिए संभावित स्थानों का निरीक्षण किया।

प्रशासन के मुताबिक, नगवा नाला के दक्षिणी हिस्से में रहने वाले परिवारों को जरूरत पड़ने पर नगवा प्राथमिक विद्यालय और नगवा के दो निजी विद्यालयों में बनाए जाने वाले राहत शिविरों में रखा जाएगा।
उत्तर दिशा की बस्ती के लिए भी तय किए गए शिविर

नगवा नाला के उत्तर में रामेश्वर मठ के पीछे रहने वाली बस्ती के परिवारों के लिए भी अलग व्यवस्था की गई है। स्थिति बिगड़ने पर इन परिवारों को अस्सी स्थित गोयनका विद्यालय, गोपीराधा और भदैनी के एक निजी विद्यालय में बनाए जाने वाले राहत शिविरों में भेजा जाएगा।

प्रशासन का कहना है कि फिलहाल स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। जलस्तर बढ़ने की स्थिति में प्रभावित परिवारों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी पूरी रखी जा रही है।

Oplus_16908288
RELATED ARTICLES

Most Popular