चीफ़ एडिटर – अमर नाथ साहू
यूपी हेड – अजय लखमानी

काशी हिंदू विश्वविद्यालय के सर सुंदरलाल अस्पताल के जनरल मेडिसिन विभाग में डॉक्टर और छात्रों के बीच में बहस हुई थी पहले डॉक्टर ने खुद को बंधक बनाने का आरोप लगाया था लेकिन अब छात्रों ने इस पूरे मामले को लेकर प्राक्टोरियल बोर्ड ऑफिस का घेराव किया छात्रों ने कहा कि इस पूरे मामले की जांच की जाए क्योंकि डॉक्टर द्वारा झूठा आरोप लगाकर छात्रों को बदनाम किया जा रहा है।
अब जानिए छात्रों ने क्या कहा
छात्रों के अनुसार, बुधवार दोपहर करीब एक बजे एक छात्र अपने परिजन को चिकित्सकीय परामर्श दिलाने के लिए जनरल मेडिसिन विभाग के कमरा नंबर-4 में पहुंचा था। वहां लगे टोकन डिस्प्ले पर 66 नंबर प्रदर्शित हो रहा था। छात्र का कहना है कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत वह अपने परिजन को दिखाने के लिए कमरे में गया था।
छात्र का आरोप है कि डॉक्टर ने अभद्र व्यवहार किया
छात्रों का आरोप है कि वहां मौजूद वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. धीरज किशोर ने छात्र के साथ अभद्र व्यवहार किया और उसे बाहर जाने के लिए कहा। छात्र के मुताबिक, डॉक्टर ने अपनी तबीयत खराब होने की बात कही। इस पर छात्र ने उनसे नाम पूछा और कहा कि यदि तबीयत खराब थी तो पहले ही अवकाश लिया जा सकता था।
आरोप है कि इसके बाद चिकित्सक ने छात्र से उसका नाम, विभाग और विभागाध्यक्ष समेत अन्य जानकारी पूछी। छात्रों के अनुसार, छात्र ने जानकारी देने में कोई आपत्ति नहीं जताई। आरोप है कि इसी दौरान चिकित्सक ने छात्र की तस्वीर मोबाइल फोन से खींचकर किसी व्यक्ति को व्हाट्सऐप पर भेज दी। छात्र ने जब पूछा कि फोटो किसे भेजी जा रही है तो उसे जवाब दिया गया कि कुछ समय बाद पता चल जाएगा।
इसके बाद छात्र ने अपने साथियों को मौके पर बुलाया। छात्रों और चिकित्सक के बीच हुई बातचीत का कुछ हिस्सा मोबाइल फोन से रिकॉर्ड किए जाने की बात सामने आई है। छात्रों का आरोप है कि बाद में वीडियो के कुछ हिस्सों को काटकर वायरल किया गया।
सीसीटीवी और पूरी वीडियो फुटेज की जांच की मांग
छात्रों ने मांग की है कि अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग, उपलब्ध पूरी वीडियो फुटेज और दोनों पक्षों के बयान के आधार पर जांच की जाए। उनका कहना है कि किसी भी पक्ष को दोषी ठहराने से पहले पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच जरूरी है। इस पूरे मामले में छात्रों ने चीफ प्राक्टर और लंका पुलिस के नाम पत्र लिखा है।



