चीफ एडिटर : अमर नाथ साहू
डिस्ट्रिक्ट ब्यूरो : राकेश वलेचा

वाराणसी। में क्रूज से सेल्फी लेने के चक्कर में एक युवा नेता गंगा नदी में गिर गए। नदी के तेज बहाव और अंधेरा के चलते देर रात उनको खोजा नहीं जा सका। गुरुवार सुबह एनडीआरएफ ने फिर सर्चिग शुरू की। करीब 7 घंटे बाद शव बाहर निकाला जा सका।
हादसा बुधवार देर रात की है। मृतक की पहचान ग्रेटर नोएडा के हर्षवर्धन ठाकुर के रूप में हुई है। वह बीजेपी समर्थित भारतीय श्रमिक कामगार कर्मचारी महासंध के प्रदेश मंत्री थे। वह अपने 5 दोस्तों के साथ काशी घूमने पहुंचे थे।
दोस्तों संग मंगला आरती में शामिल होना था
ग्रेटर नोएडा के रहने वाले हर्षवर्धन ठाकुर (27) बुधवार शाम को अपने पांच साथियों कुशाग्र सिंह, दुर्गेश प्रताप सिंह, विपुल कुमार, जीत सिंह, ललित कुमार के साथ वाराणसी पहुंचे थे। बुधवार रात करीब 12.30 बजे सभी दोस्त गंगा घाट पर पहुंचे थे।
दोस्त ललित ने बताया- हम लोगों को तड़के 3 बजे होने वाली मंगला आरती में शामिल होना था। इसलिए हम आधी रात को ही घाट पर पहुंच गए थे। मान घाट पर हम लोग आरती के पहले घूमने लगे।
घाट पर कई क्रूज खड़े थे। हर्षवर्धन उस क्रूज पर स्नैप (सेल्फी) बनाने के लिए चढ़ गए। उनके दोनों हाथों में फोन थे। एक क्रूज के ऊपर चढ़कर उन्होंने सेल्फी ली और वीडियो बनाए। इसके बाद वह दूसरे क्रूज पर जाने लगे। तभी उनका पैर फिसल गया और वह गंगा में गिर गए।
नदी में वह डूबने लगे। मदद के लिए जोर से चिल्लाए। हम लोग भी उनको बचाने के लिए मदद मांगने लगे। घाट पर मौजूद गोताखोर शोर सुनकर पहुंचे और उनको बचाने के लिए नदी में छलांग लगा दी। करीब 3 घंटे तक उन्हें खोजा गया। मगर वह नहीं मिले। इसके बाद रेस्क्यू बंद कर दिया गया।

सुबह 6 बजे दोबारा रेस्क्यू शुरू हुआ
हर्षवर्धन को खोजने के लिए दुबारा रेस्क्यू गुरुवार सुबह करीब 6 बजे शुरू हुआ। करीब डेढ़ घंटे बाद सुबह 7.30 बजे गंगा नदी से शव निकाला गया। उधर, घटना की जानकारी होने पर परिजन भी पहुंच चुके थे।
शव देखकर परिजन रो कर हाल बेहाल था। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमॉर्टम के बाद शव को परिजन को सौंप दिया गया है।



