चीफ एडिटर : अमर नाथ साहू
रिपोर्ट : अभिषेक सोनकर

वाराणसी। वर्ष-2011 के बाद अब फिर जनगणना हो रही है। यह देश की पहली शत-प्रतिशत डिजिटल जनगणना होने जा रही है। पहले चरण के तहत ‘स्व-गणना’ की खिड़की खुल रही है, जो 21 मई तक चलेगी। केंद्र सरकार की इस पहल के तहत नागरिकों को पहली बार आधिकारिक पोर्टल (https://se.census.gov.in) पर जाकर स्वयं अपना और अपने परिवार का विवरण दर्ज करने की सुविधा दी गई है।
नागरिक अपने मोबाइल नंबर और नाम के माध्यम से पोर्टल पर पंजीकरण कर सकते हैं। OTP सत्यापन के बाद उन्हें 33 सवालों की एक प्रश्नावली भरनी होगी। विवरण सफलतापूर्वक जमा होने पर एक 11 अंकों की ‘एसई आईडी’ प्राप्त होगी, जिसे सुरक्षित रखना अनिवार्य है। वाराणसी के नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने इस प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करते हुए स्व-गणना की अपील की है।
22 मई से घर-घर पहुंचेंगे प्रगणक
नगर आयुक्त ने बताया कि ‘स्व-गणना’ करने वाले परिवारों को 22 मई से शुरू होने वाले जमीनी सर्वे के दौरान काफी सुविधा होगी। जब प्रगणक घर पहुंचेंगे, तो उन्हें केवल अपनी एसई आईडी दिखानी होगी। यदि डेटा रिकॉर्ड से मेल खाता है, तो उसे तुरंत स्वीकार कर लिया जाएगा, जिससे समय की बचत होगी।
नगर आयुक्त ने जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि “जनगणना की पूरी प्रक्रिया सुरक्षित है और डेटा एन्क्रिप्शन के जरिए सुरक्षित रखा गया है। जनगणना के दौरान आपसे किसी भी प्रकार की बैंक जानकारी या आधार संख्या जैसे दस्तावेज नहीं मांगे जाएंगे। वहीं प्रगणक के आने पर उनका आधिकारिक पहचान पत्र अवश्य देखें। यह प्रक्रिया विकास योजनाओं की नींव तैयार करने का आधार है, न कि नागरिकता का प्रमाण।
दो चरणों में होगी प्रक्रिया”
वाराणसी में जनगणना का पहला चरण (हाउसलिस्टिंग और हाउसिंग) मई-जून 2026 में चलेगा। इसके बाद दूसरा चरण फरवरी 2027 में होगा, जिसमें जनसंख्या, साक्षरता, रोजगार और जातिगत डेटा जैसे महत्वपूर्ण आंकड़े जुटाए जाएंगे। नगर निगम प्रशासन ने इस डिजिटल जनगणना को सफल बनाने के लिए प्रगणकों का प्रशिक्षण पूरा कर लिया है और आम जनता से इस ‘जन अभियान’ में जुड़ने की अपील की है।



