चीफ़ एडिटर – अमर नाथ साहू
रिपोर्ट – अभिषेक सोनकर

वाराणसी के सेवापुरी स्थित महाविद्यालय परिसर में भारतीय भाषा, संस्कृति और कला प्रकोष्ठ के तत्वावधान में भव्य कजरी महोत्सव का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने संगीतमय बनारसी और मिर्जापुरी कजरी प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
“कइसे खेलै जइबू सावन में कजरिया, पिया मेंहदी मंगाइदा मोती झील से, जाइके साइकिल से ना” जैसी कजरी प्रस्तुतियों पर कार्यक्रम स्थल तालियों से गूंज उठा।
कजरी प्रतियोगिता में सुहानी सिंह एवं साक्षी गुप्ता की टीम ने संयुक्त रूप से प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं, अंजलि की टीम दूसरे और पूजा गुप्ता की टीम तीसरे स्थान पर रही।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रो. सुधा पांडेय, विशिष्ट अतिथि सुश्री गीता रानी शर्मा तथा महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. रविप्रकाश गुप्ता ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
मुख्य अतिथि प्रो. सुधा पांडेय ने सावन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सावन श्रृंगार और प्रसन्नता का महीना है। भारतीय संस्कृति और लोक परंपरा में इसका विशेष महत्व है। उन्होंने बताया कि चारों ओर हरियाली छाने और वातावरण के शुद्ध होने से तन-मन भावविभोर हो उठता है।

इस अवसर पर सुश्री गीता रानी शर्मा एवं प्राचार्य प्रो. रविप्रकाश गुप्ता ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।
सांस्कृतिक क्लब प्रभारी डॉ. सुष्मिता ने कार्यक्रम का संचालन किया, जबकि डॉ. सुधा तिवारी ने धन्यवाद ज्ञापन दिया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रो. कमलेश कुमार वर्मा, प्रो. राम कृष्ण गौतम, प्रो. सत्यनारायण, प्रो. अर्चना गुप्ता, डॉ. स्वर्णिम घोष, डॉ. संजय भारती, डॉ. सौरभसिंह, डॉ. प्रिया मिश्रा, डॉ. रश्मि कुमारी, राम किंकर सिंह, रामायण विश्वकर्मा, दयाराम यादव एवं मिठू राम सहित कई अन्य लोगों ने सहयोग किया।



