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वाराणसी कलेक्ट्रेट पर भीम आर्मी का प्रदर्शन, नारेबाजी: महिलाओं को आरक्षण और भर्ती की मांग, एसीएम को सौंपा ज्ञापन

चीफ एडिटर – अमर नाथ साहू
यूपी हेड – अजय लखमानी

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वाराणसी में गुरुवार को वाराणसी में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) और भीम आर्मी ने मांगों और प्रशासनिक अफसरों की मनमानी के खिलाफ प्रदर्शन किया। भीम आर्मी ने जिला मुख्यालय पर संपूर्ण भागीदारी आंदोलन का शंखनाद किया।

आंदोलन के तहत राष्ट्रपति के नाम जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन सौंपकर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, महिलाओं तथा अन्य वंचित वर्गों के लिए सामाजिक न्याय, समान अवसर और उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की मांग की गई।

अधिकारों को लेकर भरी हुंकार

गुरुवार को संपूर्ण भागीदारी आंदोलन को लेकर जिला मुख्यालयों पर आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने अधिकारों को लेकर हुंकार भरी। सामाजिक न्याय और आरक्षण से जुड़ी मांगें उठाते हुए ज्ञापन पढ़ा। इसमें सबसे ज्यादा फोकस महिलाओं को आरक्षण और कोटे के अंदर कोटा और बैकलॉग पदों को भरने पर दिखा।

ज्ञापन में कहा गया कि भारतीय संविधान समानता और समान अवसर का अधिकार प्रदान करता है, लेकिन शिक्षा, रोजगार, राजनीति, प्रशासन, न्यायपालिका और निर्णय लेने वाली संस्थाओं में वंचित वर्गों की भागीदारी को लेकर अभी भी सवाल बने हुए हैं।

संगठन की ओर से आरक्षण को सामाजिक भेदभाव, छुआछूत, सामाजिक-शैक्षणिक वंचना और अपर्याप्त प्रतिनिधित्व को दूर करने का संवैधानिक माध्यम बताया गया। आरक्षण व्यवस्था का प्रभावी पालन करने की बात कही।

विभिन्न विभागों में रिक्त आरक्षित पदों और बैकलॉग पदों को शीघ्र भरने तथा SC, ST और OBC वर्गों की उचित भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग की गई। आंदोलन की प्रमुख मांगों में महिला आरक्षण को 50 प्रतिशत करने पर बल दिया।

50 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग

नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023 के तहत दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्ग की महिलाओं के लिए “कोटे के अंदर कोटा” सुनिश्चित करने तथा स्थानीय निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग शामिल है।

इसके अलावा सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों के प्रतिनिधित्व से जुड़ी अन्य मांगों को भी ज्ञापन में शामिल किया गया। संगठन ने कहा कि प्रतिनिधित्व और अवसरों में समानता सुनिश्चित करने के लिए सरकार को आरक्षण व्यवस्था के प्रभावी क्रियान्वयन और लंबित आरक्षित पदों की भर्ती की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए।

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