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मां के चरणों में श्रद्धा के पुष्प, मातृ पूजन दिवस पर संस्कारों से महका रसड़ा का अर्जुन विद्यापीठ

ब्यूरो रिपोर्ट : रवि प्रताप आर्य

बलिया । भारतीय संस्कृति में माता को सर्वोच्च स्थान देने की परंपरा को जीवंत करते हुए श्री बाला जी यशोदा कुंवर अर्जुन विद्यापीठ में शनिवार को मातृ पूजन दिवस श्रद्धा, संस्कार और भावनाओं से ओतप्रोत माहौल में मनाया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने अपनी माताओं का विधि-विधान से पूजन कर मातृ शक्ति के प्रति सम्मान और कृतज्ञता प्रकट की।


विद्यालय परिसर में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने अपनी माताओं के चरणों को गंगाजल से पखारकर उनका पूजन किया और आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान मां और बच्चों के बीच स्नेह व आत्मीयता का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। भावुक कर देने वाले इस क्षण में पूरा विद्यालय परिसर “मातृ देवो भवः” की भावना से गूंज उठा।
मंत्रोच्चारण और वैदिक रीति-रिवाजों के बीच आयोजित कार्यक्रम का वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक और संस्कारमय रहा। छात्र-छात्राओं की सहभागिता ने आयोजन को और भी विशेष बना दिया। माताओं ने भी अपने बच्चों को उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद देते हुए संस्कारों के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम का संचालन अनुराग जायसवाल ने किया। उन्होंने कहा कि मां बच्चे की प्रथम शिक्षिका होती हैं और उसके जीवन निर्माण में माता की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने मातृ सम्मान को भारतीय संस्कृति की मूल भावना बताते हुए बच्चों को माता-पिता की सेवा और सम्मान के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रबंधक अर्जुन जी ने उपस्थित सभी माताओं का स्वागत एवं आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों में संस्कार, सेवा भावना और पारिवारिक मूल्यों को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि मातृ सम्मान हमारी संस्कृति की गौरवशाली परंपरा है, जिसे नई पीढ़ी तक पहुंचाना आवश्यक है।
विद्यालय के अध्यापक एवं अध्यापिकाओं ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आयोजन के अंत में सभी ने मातृ शक्ति के सम्मान और भारतीय संस्कारों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। श्री बाला जी यशोदा कुंवर अर्जुन विद्यापीठ में आयोजित यह मातृ पूजन दिवस बच्चों को अपनी जड़ों, संस्कारों और पारिवारिक मूल्यों से जोड़ने वाला यादगार आयोजन बन गया।

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