ब्यूरो रिपोर्ट : रवि प्रताप आर्य

बलिया। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट ) प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, पेपर लीक की घटनाओं पर रोक लगाने तथा दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों पर हुए कथित पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में गुरुवार को रसड़ा के गांधी पार्क में छात्रों ने 48 घंटे का क्रमिक अनशन शुरू किया। आंदोलन का नेतृत्व मथुरा महाविद्यालय रसड़ा के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष एवं पूर्व महामंत्री मान सिंह सेंगर ने किया।
धरना स्थल पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए मान सिंह सेंगर ने कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित नहीं है, बल्कि देश के लाखों छात्रों के भविष्य, न्याय और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता की रक्षा के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अपने अधिकारों और भविष्य को लेकर आवाज उठाना लोकतांत्रिक अधिकार है और सरकार को छात्रों की मांगों का समाधान निष्पक्ष जांच तथा पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से करना चाहिए।

उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल में नीट परीक्षा से जुड़ी अनियमितताओं और धांधली के मामले लगातार सामने आए हैं। ऐसे में उन्हें नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि पुलिसिया कार्रवाई से छात्रों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।

धरने पर बैठे छात्रों ने केंद्र सरकार से मांग की कि देश की सभी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए तथा पेपर लीक जैसी घटनाओं की प्रभावी रोकथाम के लिए ठोस एवं सख्त व्यवस्था लागू की जाए।
धरना स्थल पर छात्र विभिन्न मांगों से संबंधित तख्तियां लेकर शांतिपूर्वक प्रदर्शन करते रहे। आंदोलन में पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष प्रकाश भारती, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष दिलीप सिंह, अजीत तिवारी, भीम सिंह, शाहिद, दयाशंकर गुप्ता सहित बड़ी संख्या में छात्र एवं युवा प्रतिनिधि उपस्थित रहे।



