चीफ एडिटर – अमर नाथ साहू
यूपी हेड – अजय लखमानी

वाराणसी में मंगलवार को एंटी करप्शन टीम ने सीर गोवर्धन लेखपाल के मुंशी को एक लाख रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी मुंशी अशोक कुमार ने लेखपाल कुन्दन सिंह से दाखिल खारिज करवाने के नाम पर जमीन स्वामी से एक लाख रुपए लिए थे।
शिकायतकर्ता कमल कांत विक्रम ने दाखिल-खारिज के एवज में एक_लाख रुपये रिश्वत मांगने की शिकायत एंटी करप्शन को दी और फिर टीम ने यूपी कॉलेज गेट के पास जाल बिछाकर मुंशी को बुलाया।
गेट के पास रिश्वत की रकम लेते ही अशोक कुमार को सिपाहियों ने दबोच लिया। उसके पास से एक लाख रुपये और मोबाइल बरामद हुआ। मोबाइल में लेखपाल कुन्दन सिंह और अशोक के बीच रिश्वत के लेनदेन से संबंधित बातचीत की रिकॉर्डिंग भी मिली। लेखपाल फरार हो गया, उसकी तलाश की जा रही है।
पुश्तैनी जमीन को नाम चढ़ाने को मांगी रिश्वत 21 सितंबर 2026 को शिवपुर थाना क्षेत्र के जैपार (उन्दी) निवासी कमल कान्त विक्रम पुत्र ओमप्रकाश सिंह ने एंटी करप्शन वाराणसी मंडल कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत में बताया गया कि उनके पिता ओमप्रकाश सिंह ने पुश्तैनी जमीन के विक्रय से संबंधित दाखिल-खारिज के लिए आवेदन किया था। आरोप है कि इस मामले में रिपोर्ट लगाने के एवज में क्षेत्रीय लेखपाल कुन्दन सिंह द्वारा एक लाख रुपये की मांग की जा रही थी।
आरोप है कि लेखपाल ने अपना निजी मुंशी अशोक का नंबर शिकायतकर्ता को देने और उससे मिलने के लिए भेजने की बात कही। शिवदासपुर, मंडुवाडीह निवासी अशोक कुमार पुत्र मोहन लाल सीर गोवर्धन क्षेत्र के लेखपाल कुन्दन सिंह का मुंशी है।
शिकायत के बाद टीम ने बिछाया जाल शिकायत के बाद टीम के कहने पर 22 सितंबर को शिकायतकर्ता और लेखपाल के बीच फोन पर बातचीत हुई। अशोक ने फोन कर शिकायतकर्ता को यूपी कॉलेज गेट के अंदर स्थित इंडियन बैंक के पास बुलाया।
अशोक ने दाखिल-खारिज की रिपोर्ट के एवज में एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी और रकम प्राप्त कर ली। मौके पर मौजूद एंटी करप्शन टीम ने दोपहर करीब 1:41 बजे अशोक को गिरफ्तार कर लिया।
टीम ने उसके कब्जे से रिश्वत की रकम बरामद की। बताया गया कि आरोपी के मोबाइल फोन में अशोक और लेखपाल कुन्दन सिंह के बीच रिश्वत के लेन-देन से संबंधित बातचीत की रिकॉर्डिंग भी मिली है। पूछताछ में अशोक ने कथित तौर पर बताया कि लेखपाल ने उसे पूरा मामला समझाकर रिश्वत लेने के लिए भेजा था।
मामले में वांछित लेखपाल कुन्दन सिंह, जो वर्तमान में तहसील सदर के सीरगोवर्धनपुर क्षेत्र में तैनात हैं, की तलाश तहसील सदर सहित अन्य संभावित स्थानों पर की गई, लेकिन वह नहीं मिले। दोनों आरोपियों के विरुद्ध थाना कैंट, कमिश्नरेट वाराणसी में विधिक कार्रवाई की जा रही है।



