चीफ़ एडिटर – अमर नाथ साहू
मण्डल ब्यूरो – रोहित चौरसिया

वाराणसी के साल 2022 के परिसीमन के बाद बनारस रेल इंजन कारखाना (BLW) और उसके आसपास के नव विस्तारित क्षेत्रों को अब जल जमाव से मुक्ति मिलेगी। इसे लेकर BLW और नगर निगम के बीच समझौता हुआ। इस दौरान राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा भी मौजूद रहे।
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल की पहल पर तैयार इस योजना से क्षेत्र की लगभग 1.50 लाख (डेढ़ लाख) आबादी को सीधा लाभ मिलेगा और मानसून के दौरान होने वाली दुश्वारियों से मुक्ति मिलेगी। इस एमओयू के बाद कंदवा गेट, पहाड़ी गेट और बीएलडब्ल्यू परिसर में आरसीसी स्टॉर्म वाटर ड्रेन बनाया जाएगा।
45.03 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा आधुनिक ड्रेनेज नेटवर्क
इस संबंध में नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया – जल निकासी नेटवर्क को दो हिस्सों में बांटकर काम पूरा किया जाएगा। बीएलडब्ल्यू की सीमा (भूमि) के भीतर आने वाले वर्षा जल निकासी नाले के निर्माण के लिए 24 करोड़ रुपया स्वीकृत किया जा चुका है।
वहीं, बीएलडब्ल्यू परिसर की सीमा के बाहर बनने वाले नाला नेटवर्क पर 21.03 करोड़ रुपये का खर्च नगर निगम वाराणसी करेगा। जाएगा। इस प्रकार कुल 45.03 करोड़ रुपये की लागत से आरसीसी स्टॉर्म वाटर ड्रेन विथ कवर (ढके हुए पक्के नाले) का निर्माण कराया जाएगा।
45.03 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा आधुनिक ड्रेनेज नेटवर्क
इस संबंध में नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि जल निकासी नेटवर्क को दो हिस्सों में बांटकर काम पूरा किया जाएगा। बीएलडब्ल्यू की सीमा (भूमि) के भीतर आने वाले वर्षा जल निकासी नाले के निर्माण के लिए 24 करोड़ रुपया स्वीकृत किया जा चुका है।
वहीं, बीएलडब्ल्यू परिसर की सीमा के बाहर बनने वाले नाला नेटवर्क पर 21.03 करोड़ रुपये का खर्च नगर निगम वाराणसी करेगा। जाएगा। इस प्रकार कुल 45.03 करोड़ रुपये की लागत से आरसीसी स्टॉर्म वाटर ड्रेन विथ कवर (ढके हुए पक्के नाले) का निर्माण कराया जाएगा।
कंदवा और पहाड़ी गेट के पास नहीं रुकेगा पानी
नगर आयुक्त ने बताया- स्थलीय निरीक्षण में पाया गया था कि वर्तमान में उपलब्ध नालों की क्षमता बेहद कम है तथा कई स्थानों पर नाले अवरुद्ध एवं क्षतिग्रस्त हैं। इसके कारण कंदवा गेट और पहाड़ी गेट के आसपास मानसून के समय व्यापक जलभराव की स्थिति बन जाती है।
इससे स्थानीय निवासियों, राहगीरों, जनस्वास्थ्य और यातायात पर प्रतिकूल असर पड़ता था। अब कंदवा गेट और पहाड़ी गेट के पास ‘नाला-1’ एवं ‘नाला-2’ नाम से नए आरसीसी स्टॉर्म वाटर ड्रेन का निर्माण कराया जाएगा। जिससे बारिश का पानी जमेगा नहीं।
बीएलडब्ल्यू परिसर की सड़कों व ढांचों को मिलेगी सुरक्षा
बीएलडब्ल्यू परिसर की बाउंड्री वॉल के साथ-साथ परिसर के आंतरिक भागों में भी जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से आवासीय एवं कार्यालय परिसर जलमग्न हो जाते थे। इससे रेल कर्मचारियों, उनके परिवारों और आमजन को आवागमन में भारी परेशानी होती थी।
बुनियादी ढांचे (सड़क व नागरिक अवसंरचना) को नुकसान पहुंचता था। नए प्रोजेक्ट के तहत बीएलडब्ल्यू बाउंड्री वॉल और आंतरिक क्षेत्रों में भी ढके हुए ढके नालों का निर्माण कर इस समस्या का हमेशा के लिए खात्मा कर दिया जाएगा।




