चीफ़ एडिटर – अमर नाथ साहू
रिपोर्ट – अभिषेक सोनकर

वाराणसी के चिरईगांव विकास खंड स्थित अंबा गांव में मुख्य मार्ग पर जमा प्रदूषित सीवर का पानी अब गंभीर समस्या बन गया है। सरकारी पंप के पास सड़क पर बह रहा यह दूषित जल अंबा सहित आसपास के लगभग 10 गांवों के लोगों के लिए पैदल और वाहन से निकलना मुश्किल कर रहा है।
ग्रामीणों ने इस समस्या को लेकर ग्राम प्रधान से संपर्क किया, जिन्होंने ‘ग्राम सभा में फंड उपलब्ध नहीं है’ कहकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। ग्रामीणों का आरोप है कि हाल ही में गांव में आयोजित चौपाल में मुख्य विकास अधिकारी (CDO) और खंड विकास अधिकारी (BDO) सहित कई वरिष्ठ अधिकारी आए थे, लेकिन चौपाल समाप्त होने के बाद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है।
ग्रामीणों ने पेयजल में सीवर के पानी के मिलने से बीमारी फैलने की आशंका जताई है। उनके अनुसार, जलजमाव वाले स्थान के ठीक नीचे से दो प्रमुख गांवों को पानी आपूर्ति करने वाली मुख्य पेयजल पाइपलाइन गुजरती है। यह पाइपलाइन अक्सर फटी रहती है, जिससे सीवर का दूषित पानी सीधे पीने के पानी में मिल रहा है। ग्रामीणों को डर है कि प्रशासन किसी बड़े हादसे या महामारी के फैलने का इंतजार कर रहा है।
सुशील सिंह, जे.पी. सिंह, संतोष सिंह, पंकज सिंह, अरविंद सिंह, जुगनू सिंह और कीरोधन दुबे सहित कई ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सीवर निकासी और पाइपलाइन की मरम्मत का काम शुरू नहीं हुआ, तो वे सभी एकजुट होकर जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे।




