चीफ एडिटर – अमर नाथ साहू
मण्डल ब्यूरो – रोहित गुप्ता

वाराणसी के पिंडरा स्थित गड़खरा कंचनपुर गांव में करीब 20 साल पुराने सार्वजनिक रास्ते को लेकर विवाद गहरा गया है। ग्रामीण जिऊत यादव का आरोप है कि कुछ लोगों ने पुराने रास्ते को उखाड़कर संकरा कर दिया है। इससे गांव के अंदर बसी आबादी का आना-जाना मुश्किल हो गया है। हाल ही में एक इमरजेंसी के दौरान 108 एंबुलेंस जिऊत यादव के घर तक नहीं पहुंच पाई। उनके परिवार को बेटी और नवजात बच्चे को पैदल ही मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ा।

जिऊत यादव ने जिलाधिकारी को दिए शिकायत पत्र में फूलचंद यादव, गोरखनाथ यादव और विजय यादव पर सार्वजनिक रास्ते पर कब्जा करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि रास्ते का एक हिस्सा लगभग बंद कर दिया गया है। आरोप है कि इसी दौरान आरोपियों के घर के सामने ग्राम पंचायत ने सरकारी पैसे से इंटरलॉकिंग/डमरू ईंट भी लगाई है, जबकि गांव के दूसरे हिस्सों में रास्ता खराब पड़ा है।
इस मामले में सबसे बड़ी चिंता शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई न होने पर है। शिकायतकर्ता के मुताबिक, उन्होंने करीब 2 साल में IGRS पर 15 बार, तहसील में 25 बार और जिलाधिकारी कार्यालय में 15 बार शिकायतें दी हैं।

उनका आरोप है कि मुख्यमंत्री, मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, एसडीएम और तहसील दिवस में भी शिकायतें की गईं, लेकिन रास्ता अभी तक नहीं खुला है।
शिकायतकर्ता ने लेखपाल की रिपोर्ट पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि IGRS पर रिपोर्ट लगाकर उन्हें कोर्ट जाने की सलाह दी गई, जबकि यह मामला सार्वजनिक रास्ते से जुड़ा है। इतना ही नहीं, आरोप है कि रिपोर्ट में आरोपियों में से एक व्यक्ति को ही गवाह बना दिया गया।
वहीं, लेखपाल इंद्रेश सिंह पूरे मामले पर सभी आरोपों को पूरी तरह से गलत बताते हुए कहते हैं कि सभी रिपोर्ट सही लगाई गई हैं।

जिऊत यादव ने पूरे मामले की ऊंची जांच, कब्जा हटाकर रास्ता खुलवाने, सरकारी पैसे के इस्तेमाल की जांच, दोषियों पर एक्शन और परिवार को सुरक्षा देने की मांग की है।




