चीफ एडिटर – अमर नाथ साहू
रिपोर्ट – अभिषेक सोनकर

काशी के सामने घाट पर रविवार को नमामि गंगे के स्वयंसेवकों द्वारा एक विशेष स्वच्छता और जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान स्वयंसेवकों ने गंगा तट पर साफ-सफाई की और पूरे विधि-विधान से मां गंगा की आरती उतारकर तटवर्ती क्षेत्रों में बाढ़ का संकट टलने की प्रार्थना की।
अभियान के दौरान स्वयंसेवकों और उपस्थित श्रद्धालुओं ने मां गंगा की आरती कर उनसे प्रार्थना की कि गंगा का जलस्तर शीघ्र कम हो जाए। सभी ने एक स्वर में गुहार लगाई कि तटवर्ती और निचले इलाकों से बाढ़ का संकट पूरी तरह टल जाए, जिससे वहां रहने वाले सभी लोग सुरक्षित रहें और जनजीवन फिर से सामान्य हो सके।
राष्ट्रध्वज और तख्तियां लेकर किया जागरूक
सफाई अभियान के साथ-साथ स्वयंसेवकों ने स्वच्छता का दृढ़ संकल्प लिया और आम जनमानस को गंगा स्वच्छता व संरक्षण के प्रति जागरूक किया। पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिए कार्यकर्ता अपने हाथों में राष्ट्रध्वज, स्वच्छता स्लोगन लिखी तख्तियां और कपड़े से बने झोले लेकर घाट पर पहुंचे थे। उन्होंने लोगों को पॉलिथीन का इस्तेमाल न करने और घाटों को स्वच्छ रखने के लिए प्रेरित किया।
सबका साथ हो – गंगा साफ हो

नमामि गंगे (काशी क्षेत्र) के संयोजक और नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला ने इस अवसर पर कहा कि ‘सबका साथ हो गंगा साफ हो’, इसी संदेश के साथ हम सबको मिलकर आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि गंगा घाटों की पवित्रता और सुंदरता को बनाए रखने के लिए समाज के हर वर्ग को अपने जीवन में स्वच्छता को अपनाना होगा।
आयोजन में इनकी रही विशेष उपस्थिति
इस विशेष स्वच्छता अभियान और आरती में प्रमुख रूप से राजेश शुक्ला, सुभाष श्रीवास्तव, लल्लन सिंह, गुड्डू महाराज, शशिकांत पाण्डेय, प्रमोद कुमार पाण्डेय, किरण पाण्डेय, राजकपूर सिंह, कृष्णानंद, आशीष कुमार राय, केदारनाथ त्रिपाठी, विनोद सिंह और राम सिंह सहित कई अन्य गंगा सेवक एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।




