चीफ़ एडिटर – अमर नाथ साहू
ब्यूरो – राकेश सदेजा

वाराणसी में निजी अस्पताल में जुड़वां बच्चों को जन्म देने के बाद महिला की मौत हो गई। डॉक्टरों ने इसकी जानकारी घरवालों को नहीं दी। वह लगातार दवाइयों और इलाज का बिल देते रहे। घरवालों ने महिला के मुंह से झाग निकलता देखा तो उन्हें जानकारी हुई।
इसके बाद घरवालों ने हंगामा शुरू कर दिया। हंगामा होते देख कर्मचारियों ने अस्पताल के नाम का बोर्ड हटा दिया। इसके बाद डॉक्टर समेत पूरा स्टाफ महिला का शव छोड़कर फरार हो गया। इससे गुस्साए घरवालों ने अस्पताल में तोड़फोड़ कर दी।
पुलिस ने आरोपियों पर कार्रवाई और मुआवजा दिलवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद घरवाले शांत हुए। इस दौरान करीब 4 घंटे तक जाम लगा रहा। घटना चौबेपुर थाना क्षेत्र की है।
परिजनों ने बताया कल कराया था भर्ती
परिजनों ने बताया कि चौबेपुर के नेबादा बभनपुरा निवासी मिथलेश की पत्नी कंचन कुमारी (23 वर्ष) को प्रसव पीड़ा के चलते 2 अगस्त को भर्ती कराया गया था। उसने रात में जुड़वा बेटों को जन्म दिया था।
कंचन को सर्जरी के बाद बच्चे दिखाए बिना ही हालत गंभीर बताकर दूसरे अस्पताल भेज दिया गया। इसके बाद इलाज के दौरान अभय क्लीनिक एंड मैटरनिटी होम में उनकी हालत बिगड़ गई। उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
आक्रोशित परिजनों ने शव मिलने के बाद गाजीपुर-वाराणसी हाईवे पर हंगामा काटा। शव रखकर जाम लगाते हुए अस्पताल प्रबंधन और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची।
पुलिसने बताया परिजनों को समझाया और कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद गांव वाले शांत हुए। महिला के पति मिथिलेश कुमार की तहरीर पर अस्पताल के डॉक्टर महेंद्र यादव, एक झोलाछाप डॉक्टर तथा एक नर्सिंग स्टाफ के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
एसीपी सारनाथ विनय द्विवेदी ने बताया कि संबंधित डॉक्टर और अस्पताल के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है।



