HomeUncategorizedवाराणसी में गंगा-वरुणा किनारे स्कूलों में क्लास-ऑफः राहत शिविर एक्टिव, डीएम के...

वाराणसी में गंगा-वरुणा किनारे स्कूलों में क्लास-ऑफः राहत शिविर एक्टिव, डीएम के सवालों का बाढ़ पीड़ित बच्चों ने दिया जवाब

चीफ एडिटर – अमर नाथ साहू
ब्यूरो चीफ़ – प्रदीप साह

Oplus_16908288

वाराणसी में बारिश के बाद बाढ़ के बढ़ते असर के बीच कई स्कूल कॉलेज बंद हो गए हैं। डिप्टी कान्वेंट स्कूल हुकुलगंज, सरस्वती विद्या मंदिर हुकुलगंज, तुलसी निकेतन हुकुलगंज, प्राथमिक पाठशाला, ढेलवरिया में कक्षाएं बंद हो गई हैं।

इन स्कूलों को अब बाढ़ राहत शिविर बना दिया गया है। इनमें पढ़ने वाले बच्चे अब विद्यार्थी नहीं बाढ़ राहत शिविर के शरणार्थी हो गए हैं। शुक्रवार को डीएम सत्येंद्र झा ने इन स्कूलों का दौरा कर हालात जाने।

बाढ़ राहत शिविरों के निरीक्षण के दौरान डीएम ने बच्चों से संवाद किया। उनसे पढ़ाई और कक्षा पूछी इसके बाद हल्के फुल्के सवाल पूछे। बच्चों के जवाब पर डीएम के अफसर भी खिलखिला पड़े।

Oplus_16908288

शुक्रवार को डीएम सत्येंद्र झा ने वाराणसी के बाढ़ राहत शिविरों का भ्रमण किया। डीएम ने बाढ़ प्रभावित बच्चों और उनके परिवारों से वार्ता की। प्रभावित लोगों से उनका कुशलक्षेम जानने के साथ ही उन्हें हर संभव सहयोग का भरोसा दिया।

शिविर में रह रहे लोगों को सुबह का नाश्ता एवं दोनों टाइम का भोजन हर हालत में समय से मिलना सुनिश्चित हो। बच्चों को दूध, फल के साथ ही अन्य व्यवस्था होनी चाहिए। जिलाधिकारी ने सरस्वती विद्या मंदिर, हुकुलगंज राहत शिविर में लोगों के साथ बैठकर व्यवस्थाओं पर चर्चा की।

दीप्ति कान्वेंट स्कूल, हुकूलगंज में राहत शिविर के निरीक्षण के दौरान उन्होंने मेडिकल टीम के डॉक्टर से बाढ़ पीड़ितों के लिए उपलब्ध कराए जा रहे चिकित्सा सुविधाएं की जानकारी ली तथा निर्देशित किया कि 24 घंटे टीम की उपस्थिति सुनिश्चित हो।

हो। बच्चों को दूध, फल के साथ ही अन्य व्यवस्था होनी चाहिए। जिलाधिकारी ने सरस्वती विद्या मंदिर, हुकुलगंज राहत शिविर में लोगों के साथ बैठकर व्यवस्थाओं पर चर्चा की।

दीप्ति कान्वेंट स्कूल, हुकूलगंज में राहत शिविर के निरीक्षण के दौरान उन्होंने मेडिकल टीम के डॉक्टर से बाढ़ पीड़ितों के लिए उपलब्ध कराए जा रहे चिकित्सा सुविधाएं की जानकारी ली तथा निर्देशित किया कि 24 घंटे टीम की उपस्थिति सुनिश्चित हो।
तुलसी निकेतन, हुकुलगंज एवं प्राथमिक विद्यालय, ढेलवरिया के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने वहां रह रहे लोगों के साथ ही बच्चों से भी वार्ता की तथा वहां राहत शिविर में मिल रही सुविधाओं की जानकारी बच्चों से भी पूछी।

उन्होंने बच्चों को चॉकलेट भी दिये। नवयुग विद्या मंदिर, ढलवरिया के राहत केंद्र का भी निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को देखा। निरीक्षण के दौरान राहत शिविर में बनाये जा रहे भोजन को भी जिलाधिकारी ने रसोइये में जाकर देखा तथा सफाई के साथ भोजन पकाए जाने पर विशेष जोर दिया।

जिलाधिकारी ने बताया कि जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता बाढ़ प्रभावित परिवारों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, भोजन एवं आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। विभागों एवं अधिकारियों को राहत शिविरों में लगातार सक्रिय रहकर बाढ़ प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

RELATED ARTICLES

Most Popular