चीफ एडिटर : अमर नाथ साहू
डिस्ट्रिक्ट रिपोर्ट : धनेश बदलानी

वाराणसी। काशी के संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में सोमवार को सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। यहां विजेता खिलाड़ियों को मुख्य अतिथि महापौर अशोक तिवारी, कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा एवं कुलसचिव राकेश कुमार के द्वारा प्रमाण-पत्र, पदक एवं शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया। दरअसल, 11 से 14 फरवरी तक आयोजित अन्तःसंकाय वार्षिक खेलकूद युवा महोत्सव-2026 के अंतर्गत विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया था।
महापौर अशोक तिवारी ने विजेता खिलाड़ियों के साथ साथ उनका भी हौसला बढ़ाया जो खेल के मैदान में हार गए। उन्होंने कहा, कि खेल के मैदान में पहुंचने वाला हर खिलाड़ी विजेता होता है। उन्होंने कहा, आज का भारत नवचेतना, नवसंकल्प और नवपुरुषार्थ के साथ समग्र विकास की दिशा में अग्रसर है। वर्ष 2047 तक “विकसित भारत” का संकल्प प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रस्तुत व्यापक राष्ट्रीय दृष्टि है।
यह लक्ष्य केवल आर्थिक सुदृढ़ता नहीं, बल्कि आधारभूत संरचना, ऊर्जा, सीमा-सुरक्षा, शिक्षा, प्रौद्योगिकी और खेल के संतुलित विकास का प्रतीक है।

आत्मनिर्भर भारत की भावना में युवा शक्ति को राष्ट्रनिर्माण का मुख्य आधार माना गया है। कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास के साथ-साथ शारीरिक एवं नैतिक सुदृढ़ता के लिए भी प्रतिबद्ध है। खेलकूद से अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और टीम-भावना का विकास होता है, जो जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सफलता का मार्ग प्रशस्त करता है। विश्वविद्यालय की शिक्षा-परंपरा सिर्फ पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शरीर, मन और चरित्र तीनों के संतुलित विकास का संकल्प है। खेल मैदान में अर्जित अनुशासन ही जीवन-पथ पर सफलता का मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से आह्वान किया कि वे खेल को अपनी दिनचर्या का अंग बनाएं और स्वस्थ शरीर के माध्यम से स्वस्थ समाज के निर्माण में योगदान दें

इस दौरान प्रभारी छात्र कल्याण संकायाध्यक्ष डॉ. रविशंकर पांडेय, डॉ. सत्येन्द्र कुमार यादव, डॉ राजकुमार मिश्र, प्रो जितेंद्र कुमार, प्रो. हीरक कांत चक्रवर्ती, प्रो रमेश प्रसाद, प्रो राजनाथ, प्रो दिनेश कुमार गर्ग, डॉ. विशाखा, डॉ रविशंकर पांडेय, डॉ रानी द्विवेदी, डॉ लेखमणि, डॉ राजकुमार मिश्र, आदित्य कुमार आदि उपस्थित थे।



