चीफ़ एडिटर – अमर नाथ साहू
डिस्ट्रिक रिपोर्टर – धनेश बदलानी

उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और पूर्व मंत्री अजय राय ने महंगी चीनी और एथेनॉल मिश्रित ईंधन की नीति को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। राय ने कहा कि सरकार एथेनॉल मिश्रण से पेट्रोलियम आयात पर विदेशी मुद्रा बचने का दावा करती है, लेकिन अब घरेलू चीनी की कमी के चलते 10 लाख टन कच्ची चीनी का शुल्क मुक्त आयात करना पड़ा है। ऐसे में एथेनॉल नीति के आर्थिक असर का वास्तविक हिसाब जनता के सामने रखा जाना चाहिए।
एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल नीति की समीक्षा करे सरकार
अजय राय ने प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में कहा कि उन्होंने 7 जुलाई को भी एथेनॉल मिश्रित ईंधन की नीति को लेकर विस्तृत पत्र भेजा था। इसमें E20, E85 और E100 की नीति की स्वतंत्र समीक्षा, उसके आर्थिक प्रभाव के आकलन और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा की मांग की गई थी। उन्होंने एक बार फिर इस पूरी नीति की व्यापक समीक्षा की मांग उठाई है।
फिर 10 लाख टन चीनी क्यों आयात करनी पड़ी?’
राय ने कहा कि पेट्रोलियम मंत्रालय की एथेनॉल नीति का सबसे बड़ा तर्क यह रहा है कि इससे पेट्रोलियम आयात पर निर्भरता घटेगी और देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी। सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, 2024-25 में पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण 19.24% तक पहुंच गया था और 20% मिश्रण का लक्ष्य हासिल करने की दिशा में नीति आगे बढ़ रही थी। लेकिन कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने सवाल उठाया कि 20 अगस्त को सरकार को करीब 10 लाख टन कच्ची चीनी के शुल्क मुक्त आयात की अनुमति क्यों देनी पड़ी?
उनका तर्क है कि अगर घरेलू चीनी की कमी के कारण आयात करना पड़ता है तो उस पर भी विदेशी मुद्रा खर्च होगी। इसलिए एथेनॉल से बची विदेशी मुद्रा और चीनी आयात पर खर्च हुई विदेशी मुद्रा का पूरा लेखा-जोखा जनता के सामने आना चाहिए।
‘चीनी की कीमतों पर भी सरकार जवाब दे’
अजय राय ने चीनी और अन्य खाद्य पदार्थों की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर केंद्रीय खाद्य मंत्री प्रह्लाद जोशी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि महंगाई के इस मुद्दे पर केंद्रीय खाद्य मंत्री अपनी जिम्मेदारी निभाने में असफल रहे हैं।
राय ने कहा कि आने वाले दिनों में देश में त्योहारों और पर्वों की श्रृंखला शुरू होने वाली है। ऐसे में सरकार को एथेनॉल के साथ-साथ चीनी की कीमतों पर भी ठोस फैसला लेना चाहिए।
‘सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार ने E10 का विकल्प सुझाया’
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने E20 नीति को लेकर सरकार के भीतर से उठ रहे सवालों का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन ने हाल में E20 के साथ E10 जैसे कम-मिश्रण वाले ईंधन को फिर से उपलब्ध कराने का सुझाव दिया है, ताकि पुराने वाहनों के मालिकों की चिंता कम हो सके।
अजय राय ने कहा कि जब सरकार के वरिष्ठ आर्थिक सलाहकार खुद उपभोक्ताओं को विकल्प देने की जरूरत बता रहे हैं तो एथेनॉल मिश्रित ईंधन नीति की व्यापक समीक्षा की जानी चाहिए।
गडकरी और हरदीप पुरी को हटाने की मांग भी दोहराई
अजय राय ने अपने पत्र में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और हरदीप सिंह पुरी को मंत्रिमंडल से मुक्त करने की अपनी पहले की मांग का भी उल्लेख किया। उन्होंने दोनों मंत्रियों की नीतियों को लेकर उपभोक्ता हितों पर सवाल उठाए।
राय ने कहा कि यदि सरकार में फेरबदल पर विचार हो रहा है तो यह उसका अधिकार है, लेकिन मंत्रियों को हटाने या बनाए रखने के साथ जनहित से जुड़े सवालों के जवाब भी देने चाहिए।
उन्होंने प्रधानमंत्री से उम्मीद जताई कि त्योहारों के सीजन से पहले सरकार एथेनॉल नीति और चीनी के बढ़ते दामों को लेकर कोई ठोस निर्णय लेगी।




