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बीएचयू में PG-डिप्लोमा प्रवेश में देरी पर छात्रों का विरोधः सेंट्रल ऑफिस पहुंचे तो प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने रोका, कुलसचिव को दिया ज्ञापन

चीफ़ एडिटर – अमर नाथ साहू
ब्यूरो चीफ़ – प्रदीप साह

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काशी हिंदू विश्वविद्यालय में पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रमों की प्रवेश प्रक्रिया में हो रही देरी को लेकर छात्रों का आक्रोश सामने आया। सत्र 2025-26 के कई पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रमों की प्रवेश और काउंसलिंग प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं होने से नाराज छात्र सोमवार को अपनी मांगों को लेकर विश्वविद्यालय के सेंट्रल ऑफिस पहुंचे। यहां प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्यों ने छात्रों को रोक दिया। छात्रों ने कहा कि वे विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने अपनी समस्याएं और अपने हक की बात रखने आए हैं।

इसके बाद छात्र प्रतिनिधियों ने विश्वविद्यालय के कुलसचिव को ज्ञापन सौंपकर लंबित प्रवेश प्रक्रिया को जल्द पूरा कराने की मांग की। छात्रों का कहना है कि प्रवेश प्रक्रिया में लगातार हो रही देरी का सीधा असर विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य पर पड़ रहा है। कई छात्र प्रवेश को लेकर असमंजस की स्थिति में हैं और उन्हें यह स्पष्ट नहीं है कि उनकी काउंसलिंग और प्रवेश प्रक्रिया कब तक पूरी होगी।

2025-26 की प्रवेश प्रक्रिया तत्काल पूरी करने की मांग

छात्रों ने ज्ञापन में सबसे प्रमुख मांग सत्र 2025-26 के पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रमों की लंबित प्रवेश एवं काउंसलिंग प्रक्रिया को तत्काल पूरा करने की रखी।

छात्रों का कहना है कि जिन पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया लंबित है, उनमें विश्वविद्यालय की ओर से स्पष्ट और आधिकारिक सूचना जारी की जानी चाहिए, ताकि अभ्यर्थियों को आगे की प्रक्रिया की जानकारी मिल सके।

छात्रों ने कहा कि प्रवेश प्रक्रिया में देरी के कारण विद्यार्थियों के सामने भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। ऐसे में विश्वविद्यालय प्रशासन को मामले को प्राथमिकता देते हुए जल्द निर्णय लेना चाहिए।

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नए सत्र 2026-27 में देरी न करने की मांग

छात्रों ने आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 की प्रवेश प्रक्रिया भी निर्धारित समय पर शुरू कराने की मांग की। उनका कहना है कि पिछले सत्र की देरी का असर नए सत्र की प्रवेश प्रक्रिया पर नहीं पड़ना चाहिए।

यदि 2025-26 की प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं होती है तो इसका असर आगे की पढ़ाई और पूरे शैक्षणिक कैलेंडर पर पड़ सकता है। छात्र प्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की कि पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के लिए स्पष्ट समयसीमा तय की जाए और उसी के अनुसार प्रवेश प्रक्रिया पूरी कराई जाए। ज्ञापन में छात्रों ने पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में बीएचयू से परास्नातक (PG) उत्तीर्ण छात्रों को वरीयता देने की भी मांग रखी।

प्रशासन ने जल्द समाधान का दिया आश्वासन

छात्रों के प्रतिनिधिमंडल ने कुलसचिव को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों से अवगत कराया। छात्रों के मुताबिक, विश्वविद्यालय प्रशासन ने उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना और छात्रहित को ध्यान में रखते हुए मामले का जल्द और सकारात्मक निस्तारण करने का आश्वासन दिया।
छात्रों ने कहा कि वे प्रशासन के आश्वासन का इंतजार करेंगे, लेकिन यदि तय समयसीमा के भीतर प्रवेश प्रक्रिया शुरू नहीं की गई और लंबित मामलों का समाधान नहीं हुआ तो वे आगे अपने स्तर से आंदोलनात्मक कदम उठाने के लिए मजबूर होंगे।

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