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बीएचयू में संस्कृत दिवस समारोहः सभागार में विभिन्न प्रतियोगिताओं का हुआ आयोजन, सैकड़ों विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा

चीफ़ एडिटर – अमर नाथ साहू
ब्यूरो चीफ़ – प्रदीप साह

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वाराणसी में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के कला संकाय स्थित संस्कृत विभाग द्वारा 1 एवं 2 सितम्बर को द्विदिवसीय संस्कृत दिवस समारोह का आयोजन किया गया। समारोह के अंतर्गत संस्कृत भाषण प्रतियोगिता, संस्कृत सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता, सुस्वर स्तोत्र पाठ प्रतियोगिता तथा श्लोक अंताक्षरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों एवं महाविद्यालयों से 100 से अधिक छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। सम्पूर्ण कार्यक्रम संस्कृत विभाग के सभागार में संस्कृत भाषा में सम्पन्न हुआ। विभिन्न प्रतियोगिताओं के निर्णायक के रूप में प्रो. शत्रुघ्न त्रिपाठी, प्रो. पतञ्जलि मिश्र, प्रो. विनय पाण्डेय, प्रो. भगवत शरण शुक्ल, प्रो. चन्द्रकान्ता राय, प्रो. शिवराम शर्मा, प्रो. जया मिश्रा, डॉ. मंजु कुमारी, प्रो. पुष्मा त्रिपाठी, डॉ. अभिजित् दीक्षित, डॉ. बृहस्पति भट्टाचार्य एवं डॉ. दीपक शर्मा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

सत्र संयोजन संस्कृत भाषण प्रतियोगिता – डॉ. शिल्पा सिंह तथा डॉ. राजेश सरकार, संस्कृत सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता – डॉ. सूर्यप्रकाश सिंह तथा डॉ. पवन कुमार पाण्डेय, सुस्वर स्तोत्र पाठ प्रतियोगिता – डॉ. सिद्धिदात्री भारद्वाज तथा डॉ. फिरोज, श्लोक अंताक्षरी प्रतियोगिता – डॉ. दिव्या भारती तथा डॉ. प्रदीप कुमार एवं सम्पूर्ति सत्र संयोजन – प्रो. अभिमन्यु, डॉ. शिवलोचन शांडिल्य एवं विभागीय शोध छात्रों के द्वारा सम्पन्न हुआ।

उद्घाटन सत्र में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित डॉ. प्रशस्यमित्र शास्त्री ने अपने प्रभावशाली वक्तव्य तथा सरस संस्कृत कविता हास्य-व्यंग्य के माध्यम से विद्यार्थियों को संस्कृत के प्रति अनुराग एवं उत्साह से भर दिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए संस्कृत विभागाध्यक्ष प्रो. सदाशिव कुमार द्विवेदी ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा संस्कृत भाषा में निबद्ध है। वेद, पुराण, स्मृति, अर्थशास्त्र, आयुर्वेद आदि अनेक महत्वपूर्ण ग्रंथ संस्कृत भाषा में रचे गए हैं। भारतीय ज्ञान परंपरा के मूल स्वरूप, उसके अध्ययन तथा उसमें निहित वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक ज्ञान को समझने और आत्मसात् करने के लिए संस्कृत भाषा का ज्ञान आवश्यक है।

प्रतियोगिताओं के आयोजन से विद्यार्थियों में संस्कृत भाषा का अभ्यास दृढ़ होता है। समारोह में आयोजित प्रत्येक प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार तथा दो सांत्वना पुरस्कार प्रदान करने का निर्णय हुआ। विजेता छात्र-छात्राओं को 3 सितम्बर 2026 को संस्कृत विभाग के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में पुरस्कार प्रदान किया जाएगा.

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