चीफ एडिटर – अमर नाथ साहू
रिपोर्ट – सत्यम गुप्ता

वाराणसी में दिवाली से पहले बम धमाकों की धमकी मिलने से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। कथित तौर पर खालिस्तान नेशनल आर्मी के नाम से बुधवार को नगर निगम के आधिकारिक ईमेल पर धमकी भरा संदेश भेजा गया। इसमें काशी को बम धमाकों से दहलाने की बात कही गई है।
ईमेल में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU), केंद्रीय विद्यालय, सेंट्रल हिंदू स्कूल और नगर निगम कार्यालय को निशाना बनाने की धमकी दी गई है। संदेश में 8 नवंबर को स्कूलों और मंदिरों में धमाके करने की बात भी लिखी गई है। इसके अलावा काशी, मथुरा और अयोध्या में 27 नवंबर तक सिलसिलेवार धमाके करने का दावा किया गया है।
धमकी मिलने के बाद पुलिस कमिश्नरेट और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। नगर निगम, BHU, स्कूलों और प्रमुख मंदिरों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस ने सभी थाना प्रभारियों को सतर्क रहने और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं।
BHU, केंद्रीय विद्यालय और नगर निगम को धमकी
धमकी भरे ईमेल में वाराणसी के प्रमुख शिक्षण संस्थानों और प्रशासनिक कार्यालयों का नाम लिया गया है। इसमें BHU, केंद्रीय विद्यालय (KV), सेंट्रल हिंदू स्कूल (CHS) और नगर निगम कार्यालय को उड़ाने की चेतावनी दी गई है।
ईमेल में 8 नवंबर को स्कूलों और मंदिरों में बम धमाके करने की बात लिखी गई है। संदेश सामने आने के बाद BHU के चीफ प्रॉक्टर प्रो. संदीप पोखरियाल केंद्रीय विद्यालय पहुंचे। उन्होंने प्रधानाचार्य से बातचीत की और परिसर की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए।
केंद्रीय विद्यालय और CHS को लेकर सुरक्षा एजेंसियां विशेष निगरानी कर रही हैं। पुलिस और प्रशासन की टीमें भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
8 से 27 नवंबर तक धमाके करने का दावा
ईमेल में सिर्फ वाराणसी ही नहीं, बल्कि मथुरा और अयोध्या को भी निशाना बनाने की बात कही गई है। इसमें 8 नवंबर से 27 नवंबर तक लगातार बम धमाके करने का दावा किया गया है।
नवंबर में त्योहारों और धार्मिक आयोजनों के चलते इन शहरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में धमकी को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। प्रमुख धार्मिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में निगरानी बढ़ाई जा रही है।
8 महीने पहले कचहरी को मिली थी धमकी
वाराणसी में इससे पहले भी बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है। 13 फरवरी 2026 को जिला जज की आधिकारिक ईमेल आईडी पर धमकी भरा संदेश आया था। इसमें कचहरी परिसर को निशाना बनाने की बात कही गई थी।
उस समय पुलिस, बम निरोधक दस्ते (BDDS) और डॉग स्क्वायड ने पूरे परिसर की जांच की थी। एहतियात के तौर पर कचहरी खाली कराई गई थी और सघन चेकिंग अभियान चलाया गया था।
वाराणसी में पहले भी हो चुके हैं बम धमाके
वाराणसी में पहले हुए आतंकी हमलों को देखते हुए इस बार भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
7 मार्च 2006: संकटमोचन मंदिर और कैंट रेलवे स्टेशन पर सिलसिलेवार बम धमाके हुए थे।
23 नवंबर 2007: वाराणसी कचहरी में बम धमाके
हुए थे। इनमें कई वकीलों और आम नागरिकों की जान गई थी।
7 दिसंबर 2010: दशाश्वमेध घाट के पास शीतला
घाट पर बम धमाका हुआ था।
इन घटनाओं के चलते धमकी मिलने के बाद पुलिस और खुफिया एजेंसियां हर इनपुट की जांच कर रही हैं।
पुलिस कमिश्नर और नगर आयुक्त ने संभाली जिम्मेदारी
धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क किया। उन्होंने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने को कहा। सिगरा और लंका थाने को भी इसकी जानकारी दी गई है। नगर निगम और BHU के आसपास के थानों को अलर्ट कर दिया गया है।
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने बताया कि धमकी भरे ईमेल की जांच केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां कर रही हैं। एहतियात के तौर पर नगर निगम, BHU, प्रमुख स्कूलों और बड़े मंदिरों की सुरक्षा बढ़ाई गई है।
उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। पुलिस अपने क्षेत्रों में संदिग्ध लोगों और लावारिस वस्तुओं की जांच कर रही है। फिलहाल शहर में चेकिंग अभियान तेज कर दिया गया है।



