चीफ एडिटर : अमर नाथ साहू
डिस्ट्रिक्ट रिपोर्टर : धनेश बदलानी

वाराणसी। काशी में महाशिवरात्रि पर इस बार दर्शन के लिए भक्तों को निराश नहीं होना पड़ेगा। काशी विश्वनाथ मंदिर ने शिवरात्रि पर श्रद्धालुओं की अनुमानित भीड़ को देखते हुए कपाट लगातार खोले रखने का निर्णय लिया है।
मंदिर प्रशासन का अनुमान है कि इस बार काशी विश्वनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या दस लाख से ज्यादा हो सकती है। इसे देखते हुए मंदिर प्रशासन ने सभी तरह के सुगम दर्शन और वीवीआईपी प्रोटोकॉल वाली व्यवस्था पर रोक लगा दी है।
सुगम दर्शन पर रोक, चार पहर विशेष आरती
एक और बड़े बदलाव के तहत, श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने महाशिवरात्रि के दिन टिकट लेकर सुगम दर्शन और वीवीआईपी प्रोटोकॉल के तहत होने वाले दर्शन पर रोक लगा दी है। इसका मकसद है कि महाशिवरात्रि पर देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को दर्शन-पूजन में किसी तरह की परेशानी न हो।

इसके साथ ही, इस बार काशी विश्वनाथ की चारों पहर होने वाली आरती भी विशेष रहेगी। मंगला आरती और भोग आरती के बाद इस बार सप्तर्षि आरती, शयन आरती के स्थान पर अलग-अलग चार पहर में विशेष आरती की जाएगी। इतना ही नही, भगवान शिव के जीवन से जुड़ी झांकियां भी मंदिर प्रशासन आम श्रद्धालुओं के लिए प्रदर्शित करेगा।
26 घंटे होगा लगातार दर्शन
बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी में शिवभक्तों का सबसे बड़ा दिन महाशिवरात्रि है, जिसका इंतजार भक्त पूरे साल करते हैं। इस बार महाशिवरात्रि 15 फरवरी को पड़ रही है। मंदिर प्रशासन ने फैसला लिया है कि काशी विश्वनाथ का दरबार इस शिवरात्रि पर लगातार 26 घंटे तक खुला रहेगा।

15 फरवरी की सुबह 4 बजे, मंगला आरती के बाद बाबा के कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। बाबा के कपाट अगले दिन 16 फरवरी की सुबह 6 बजे तक खुले रहेंगे। श्रद्धालु झांकी दर्शन के साथ बाबा विश्वनाथ को जलार्पण कर सकेंगे। इसके आलावा 14 फरवरी से 17 फरवरी तक स्पर्श और सुगम दर्शन पर रोक लगा दिया गया है।



