चीफ एडिटर – अमर नाथ साहू
मण्डल ब्यूरो – रोहित गुप्ता

काशी और तमिलनाडु की सांस्कृतिक परंपराओं को जोड़ने वाले काशी तमिल संगमम के पांचवें संस्करण का आयोजन 28 नवंबर से 12 दिसंबर तक किया जाएगा। इस दौरान दक्षिण भारत से आने वाले अतिथि काशी की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक विरासत से परिचित होंगे।
आयोजन के लिए काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में तैयारियां शुरू हो गई हैं। दक्षिण भारत से आने वाले मेहमानों का स्वागत बीएचयू करेगा, जबकि उत्तर भारत के प्रतिभागियों की मेजबानी आईआईटी मद्रास को सौंपी गई है।
उत्तर और दक्षिण भारत के बीच मजबूत होंगे संबंध
काशी तमिल संगमम का प्रमुख उद्देश्य उत्तर और दक्षिण भारत के बीच सांस्कृतिक, शैक्षणिक और सामाजिक संबंधों को मजबूत करना है। इसमें छात्र, शिक्षक, कलाकार, शिल्पकार, किसान और व्यवसायियों समेत विभिन्न वर्गों के लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।
कार्यक्रम के दौरान शैक्षणिक सत्रों और विचार-विमर्श के साथ सांस्कृतिक संध्याओं का आयोजन भी होगा। इनके जरिए दोनों क्षेत्रों की लोक संस्कृति, कला, परंपराओं और जीवनशैली को जानने-समझने का अवसर मिलेगा।
कई मंत्रालय और यूपी सरकार करेंगी सहयोग
आयोजन में संस्कृति एवं पर्यटन, शिक्षा, रेलवे और वस्त्र मंत्रालयों के साथ उत्तर प्रदेश सरकार भी सहयोग करेगी। बीएचयू में प्रो. अंचल श्रीवास्तव को नोडल अधिकारी और डॉ. उमेश सिंह को समन्वयक की जिम्मेदारी दी गई है।
कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा जल्द जारी होने की उम्मीद है।



