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करंट से पशु की मौत के बाद विद्युत और जल निकासी व्यवस्था पर उठे सवाल,पांडेयपुर में हादसे ने खोली नगर निगम और बिजली विभाग की लापरवाही की पोल

चीफ एडिटर : अमर नाथ साहू
रिपोर्ट : अभिषेक सोनकर

वाराणसी। पांडेयपुर क्षेत्र में विद्युत करंट की चपेट में आने से एक पशु की मौत के बाद नगर निगम और बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। पांडेयपुर पुलिस चौकी के सामने विद्याकेंद्र बुक की दुकान के समीप हुई घटना ने क्षेत्र में विद्युत सुरक्षा व्यवस्था और जल निकासी की बदहाल स्थिति को उजागर कर दिया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार बारिश के दिनों में इस इलाके में जलभराव की समस्या आम हो जाती है। पर्याप्त जल निकासी व्यवस्था नहीं होने के कारण सड़क और गलियों में पानी जमा रहता है।

ऐसे में बिजली के खंभों, तारों या उपकरणों में खराबी आने पर करंट फैलने का खतरा बढ़ जाता है। बताया जा रहा है कि इसी जलभराव के बीच एक पशु विद्युत करंट की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि जब व्यस्त इलाके और पुलिस चौकी के सामने ही विद्युत सुरक्षा को लेकर ऐसी लापरवाही सामने आ रही है, तो अन्य क्षेत्रों की स्थिति का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम और बिजली विभाग से सवाल किया है कि आखिर इस तरह की लापरवाही के लिए जिम्मेदार कौन है?

क्या किसी बड़ी दुर्घटना के बाद ही जिम्मेदार विभागों की नींद खुलेगी? लोगों का कहना है कि जलभराव और विद्युत सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं का स्थायी समाधान समय रहते किया जाना चाहिए। लोगों का आरोप है कि बारिश के मौसम में जल निकासी को लेकर दावे और निरीक्षण तो किए जाते हैं, लेकिन धरातल पर स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं दिखाई देता। नागरिकों ने अधिकारियों से मौके का निरीक्षण कर समस्या का समाधान कराने की मांग की है।
उन्होंने मांग की है कि घटना की जांच कर करंट फैलने के कारणों का पता लगाया जाए तथा क्षतिग्रस्त विद्युत तारों और उपकरणों को तत्काल दुरुस्त कराया जाए। साथ ही जल निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे की पुनरावृत्ति न हो। पशु की मौत ने एक बार फिर प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह है कि जिम्मेदार विभाग इस घटना से सबक लेते हैं या फिर किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार किया जाएगा।

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