चीफ एडिटर : अमर नाथ साहू
क्राइम ब्यूरो : पंकज भाटिया

वाराणसी: कज्जाकपुरा में बन रहे महत्वपूर्ण रेल ओवरब्रिज को अब ‘बाबा लाट भैरव ओवरब्रिज’ के नाम से जाना जाएगा। वाराणसी नगर निगम की कार्यकारिणी समिति की बैठक में प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। इसके लिए अग्रिम कार्रवाई शुरू कर दी गई है। यह पहली बार होगा जब किसी पुल का नाम भगवान के नाम पर किया जा रहा है।
नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी संदीप श्रीवास्तव ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि यह निर्णय शहर की आस्था और सांस्कृतिक पहचान को सम्मान देने वाला है। कज्जाकपुरा रेल ओवरब्रिज शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक पर बनाया जा रहा है और इसकी उपयोगिता को देखते हुए लंबे समय से नामकरण पर चर्चा हो रही थी। बाबा लाट भैरव, जो कि काशी के रक्षक देवता माने जाते हैं, उनके नाम पर ओवरब्रिज का नामकरण होने से स्थानीय लोगों में उत्साह है। नागरिकों का कहना है कि यह केवल एक पुल नहीं, बल्कि काशी की परंपरा, आस्था और मूल पहचान को सम्मान देने का कार्य है।
ओवरब्रिज का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। अधिकारियों के अनुसार, पुल को चालू करने का अनुमान है। इसके शुरू होने के बाद रोजाना लाखों लोगों के आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी। ट्रैफिक जाम से राहत के साथ ही आसपास के क्षेत्रों कज्जाकपुरा, लहरतारा, अर्दली बाजार, और मंडुवाडीह के यात्रियों को भी वैकल्पिक और सुगम मार्ग प्राप्त होगा।
स्थानीय निवासियों, व्यापारियों और छात्रों के लिए यह ओवरब्रिज बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि लंबे समय से रेलवे क्रॉसिंग और भारी यातायात के कारण लोगों को बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। ओवरब्रिज तैयार होने के बाद यह समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि पुल के संचालन से क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा और समय की बचत से लोगों में राहत की भावना आएगी।
काशी के लोग अब इस ओवरब्रिज के उद्घाटन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, खासकर इसलिए कि यह शहर के धार्मिक और सांस्कृतिक स्वरूप से सीधा जुड़ा हुआ है। ‘बाबा लाट भैरव ओवरब्रिज’ न सिर्फ आवागमन को आसान बनाएगा, बल्कि काशी की विरासत को भी नई पहचान देगा।।।



