चीफ एडिटर – अमर नाथ साहू
मण्डल ब्यूरो – रोहित गुप्ता

बसपा सुप्रीमो मायावती ने गुरुवार को पदाधिकारियों के साथ 1 घंटे तक बैठक की। इससे पहले पार्टी ऑफिस के पास ‘दोगलों से सावधान’ रहने के पोस्टर लगे दिखे।
बैठक में तय हुआ कि डॉ अंबेडकर की पुण्यतिथि पर 6 दिसंबर को मायावती लखनऊ के अंबेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल में रैली करेंगी। मायावती ने कहा यह रैली ऐतिहासिक होगी और अब तक के सभी रिकार्ड तोड़ेगी। उस दिन हम मैदान ही नहीं, बल्कि पूरे लखनऊ को भीड़ से भर देंगे।
बैठक में 2027 विधानसभा चुनाव के लिए घोषित हो चुके प्रत्याशियों और दावेदारों पर भी चर्चा हुई। आगामी 1 महीने में पार्टी के कार्यक्रमों और आकाश आनंद की रैलियों में भीड़ इकट्ठा करने को लेकर भी चर्चा हुई।

चंद्रशेखर और मायावती की रैली से बढ़ेगा सियासी पारा
इससे पहले आजाद समाज पार्टी (ASP) प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर ने 26 नवंबर को लखनऊ के रमाबाई अंबेडकर मैदान में रैली करने का ऐलान किया था। यह मैदान
इस रैली में ASP और असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के गठबंधन का ऐलान भी हो सकता है। इन दोनों रैलियों को दलित राजनीति में दोनों दलों के शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है।
बसपा 6 दिसंबर की रैली के जरिए अपनी राजनीतिक ताकत दिखाने की तैयारी कर रही है। बैठक में रैली की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। पदाधिकारियों को अलग-अलग जिलों से कार्यकर्ताओं को लाने, भीड़ जुटाने और रैली की व्यवस्थाएं संभालने की जिम्मेदारी तय की गई।
100 से ज्यादा प्रत्याशी घोषित कर चुकी बसपा
बसपा अब तक करीब 100 विधानसभा सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। मायावती ने नवंबर तक अधिकतर सीटों पर उम्मीदवारों के नाम फाइनल करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में इस प्रक्रिया की प्रगति की समीक्षा हुई।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, बैठक के बाद मायावती दिल्ली जा सकती हैं। वहां उन्हें सरकार की ओर से आवंटित आवास का कब्जा लेना है। इसके अलावा वह अपनी छोटी बहन की बेटी की शादी में भी शामिल होंगी।
बैठक में प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आनंद कुमार, राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा और आजमगढ़ की मंडल कोऑर्डिनेटर इंदु सिंह समेत करीब 550 पदाधिकारी मौजूद रहे। इनमें राज्य इकाई के सभी स्तर के पदाधिकारी और सभी 75 जिलों के अध्यक्ष शामिल हुए।



