ब्यूरो रिपोर्ट : रवि प्रताप आर्य

बलिया। रसड़ा थाना क्षेत्र के मुस्तफाबाद गांव में हुए मां-बेटी के चर्चित दोहरे हत्याकांड का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस के अनुसार, इस सनसनीखेज वारदात की साजिश परिवार के मुखिया रामचीज गुप्ता ने ही रची थी। पत्नी की मानसिक स्थिति और बेटी के नेत्रहीन होने को लेकर सामाजिक प्रतिष्ठा प्रभावित होने की बात सामने आने के बाद उसने दो अन्य लोगों के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई।
पुलिस अधीक्षक बलिया ओमवीर सिंह के निर्देशन में स्वाट टीम, सर्विलांस सेल और थाना रसड़ा पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में रामचीज गुप्ता (70), चंदन यादव (32) और दिनेश गुप्ता (35), सभी निवासी मुस्तफाबाद थाना रसड़ा शामिल हैं।
पुलिस के मुताबिक, 16 सितंबर की रात रामचीज गुप्ता ने अपने सहयोगियों चंदन यादव और दिनेश गुप्ता के साथ मिलकर पत्नी मान्ती देवी और बेटी गौरी की हत्या कर दी। इसके बाद बेटी का शव घर के पास खेत में फेंक दिया गया और घटना को बाहरी हमलावरों की करतूत बताने का प्रयास किया गया।
घटना के बाद 17 सितंबर को रामचीज गुप्ता की तहरीर पर रसड़ा थाने में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस जांच में मिले साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पूरे मामले का खुलासा हुआ। पुलिस का दावा है कि आरोपी ने पहले भी गांव में पत्नी और बेटी को लेकर नाराजगी जाहिर की थी और जान से मारने या खुद मर जाने जैसी बातें कही थीं।
सिधागरघाट से हुई गिरफ्तारी
पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर 19 सितंबर की सुबह करीब 3:30 बजे सिधागरघाट से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया लोहे का दाव और घटना के समय पहने गए खून लगे कपड़े बरामद किए गए।
इस मामले में थाना रसड़ा पर मुकदमा संख्या 302/2026 के तहत धारा 103(1), 238, 61(2) बीएनएस और 4/25 आर्म्स एक्ट के अंतर्गत कार्रवाई की गई है। गिरफ्तार आरोपियों को विधिक कार्रवाई पूरी कर न्यायालय भेज दिया गया।
पुलिस टीम की अहम भूमिका
हत्याकांड के खुलासे में थाना रसड़ा प्रभारी निरीक्षक सुशील कुमार, सर्विलांस सेल प्रभारी निरीक्षक विश्वनाथ यादव, उपनिरीक्षक अजय कुमार सिंह सहित स्वाट टीम, सर्विलांस सेल और थाना रसड़ा की संयुक्त टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।



