चीफ एडिटर – अमर नाथ साहू
डिस्ट्रिक ब्यूरो – राकेश वलेचा

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में छात्राओं को रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के तहत स्कूटी रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया जारी है। अब तक 1327 छात्राओं का रजिस्ट्रेशन हो चुका है। इनमें से 1303 छात्राओं का आधार वेरिफिकेशन यानी फाइनल सत्यापन पूरा हो चुका है।
विश्वविद्यालय की तैयार सूची के अनुसार यही छात्राएं स्कूटी की लाभार्थी होंगी। अभी भी कुछ छात्राएं जरूरी दस्तावेज पूरे कराने के लिए रजिस्ट्रेशन करा रही हैं।
5 जिलों की टॉपर्स छात्राओं को योजना में शामिल किया
योजना के लिए विश्वविद्यालय से जुड़े वाराणसी, भदोही, चंदौली, मिर्जापुर और सोनभद्र के कॉलेजों की छात्राओं को शामिल किया गया है। शासन के निर्देश पर 2025-26 के स्नातक में कुल टॉपर्स में से ऊपर के 5% छात्राओं की सूची तैयार की गई है। इसमें स्वायत्तशासी कॉलेजों के साथ एफिलिएटेड कॉलेजों की छात्राएं भी शामिल हैं।
कॉलेजों के माध्यम से पात्र छात्राओं की सूची विश्वविद्यालय को उपलब्ध कराई गई है। सूची में नाम आने वाली छात्राएं विश्वविद्यालय में अपने दस्तावेजों के साथ रजिस्ट्रेशन करा रही हैं।
12 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए परिवार की आय
स्कूटी के लिए केवल टॉपर्स होना ही पर्याप्त नहीं है। छात्रा का आय प्रमाण पत्र और निवास प्रमाण पत्र भी जरूरी है।
परिवार की वार्षिक आय 12 लाख रुपए से अधिक नहीं होनी चाहिए। आय प्रमाण पत्र अक्टूबर 2026 तक वैध होना चाहिए।
इसके अलावा छात्रा का उत्तर प्रदेश का निवासी होना जरूरी है। इसके लिए यूपी का निवास प्रमाण पत्र देना होगा। दस्तावेजों के आधार पर पात्रता का सत्यापन किया जा रहा है।

1327 में 24 का फाइनल वेरिफिकेशन बाकी
विश्वविद्यालय में अब तक 1327 छात्राओं का रजिस्ट्रेशन हुआ है। इनमें से 1303 का आधार वेरिफिकेशन पूरा हो चुका है। यानी 24 छात्राओं का फाइनल वेरिफिकेशन अभी बाकी है। कुछ मामलों में वैध या पूरे दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने के कारण सत्यापन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है।
स्कूटी छात्राओं के नाम पर होगी, 4 लीटर पेट्रोल भी
शासन की ओर से जारी गाइडलाइन के अनुसार स्कूटी लाभार्थी छात्रा के नाम पर होगी। इसके साथ उसका रजिस्ट्रेशन और इंश्योरेंस भी कराया जाएगा। गाइडलाइन में स्कूटी के साथ 4 लीटर पेट्रोल देने का भी प्रावधान बताया गया है।
13 सितंबर के बाद भी हो रहा रजिस्ट्रेशन
विश्वविद्यालय के अनुसार रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 13 सितंबर को बंद होने वाली थी, लेकिन शासन के निर्देश पर इसे आगे भी जारी रखा गया है। 18 सितंबर को भी 2-3 छात्राएं विश्वविद्यालय पहुंचीं और उनका रजिस्ट्रेशन किया गया।



