चीफ एडिटर – अमर नाथ साहू
डिस्ट्रिक ब्यूरो – राकेश वलेचा

वाराणसी के सिगरा थाना क्षेत्र में बड़े जुए के अड्डे पर डीसीपी क्राइम के साथ एसओजी-2 ने छापेमारी कर बड़ा गिरोह पकड़ा। SOG-2 की टीम ने पहले दरवाजा खटखटाया लेकिन नहीं खुलने पर दरवाजा तोड़कर अंदर घुसी।
एयरकंडीश्नर हॉल में लाखों रुपए के दांव लगाए जा रहे थे। एसओजी की टीम देखकर हड़कंप मच गया, सभी फड़ छोड़कर भागने लगे। आनन फानन सिपाहियों ने कई लोगों को दबोच लिया, कुछ ने अपना परिचय देकर फोन करने की कोशिश की लेकिन एसओजी ने एक नहीं सुनी।
टीम ने मौके से 47 जुआरियों को गिरफ्तार कर 19 लाख 53 हजार रुपये नकद बरामद किए। इसके अलावा कई वाहन, मोबाइल फोन और अन्य सामान भी मिला है। वाराणसी के अलावा आसपास के 7 जिलों के आरोपी शामिल है।
बताया गया कि प्रभात कुमार रस्तोगी के मकान के भूतल में जुएं का फड़ सजाया जाता है। इसमें सत्ताधारी दल से जुड़े जनप्रतिनिधियों के करीबी भी शामिल हैं। पुलिस ने लगभग 47 लोगों को पकड़ा है। इसमें महिलाएं भी शामिल हैं।
एसओजी-2 प्रभारी पंकज सिंह चौहान ने मामले की
जानकारी डीसीपी क्राइम नीतू कादयान को दी, जिसके बाद डीसीपी समेत एसीपी चेतगंज भी मौके पर पहुंचे। पुलिस के अन्य अफसरों को भी कार्रवाई की जानकारी दी गई।
सिगरा पुलिस की मिलीभगत और सांठगांठ के बीच जुआ का कारोबार चल रहा था। गुडवर्क के वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले सिगरा इंस्पेक्टर शिवाकांत मिश्रा की संलिप्तता पर भी सवाल उठने लगे हैं। मौके पर पहुंची सिगरा पुलिस आरोपियों के लिए सफाई देती नजर आई।
पुलिस जुआरियों और मकान की तलाशी में जुटी है। बरामद नकदी की पुलिसकर्मियों द्वारा मौके पर गिनती की जा रही है। तलाशी और बरामदगी की कार्रवाई पूरी होने के बाद कुल रकम और अन्य सामान का ब्योरा स्पष्ट होगा। अभी तक लगभग 10 लाख रुपये नकद बरामद किए जा चुके हैं। नीतू कादयान ने बताया- सभी 47 आरोपियों पर गैंगस्टर लगाएंगे।
डीसीपी क्राइम नीतू कादयान ने बताया कि सिगरा क्षेत्र में पब्लिक ने शिकायत की, जिसके बाद हमने टीम लगाकर रेकी कराई। एसओजी-2 को लगाकर हमने तीन दिन तक आने जाने वालों का इनपुट जुटाया फिर कार्रवाई की।
बंद मकान में लोग आते थे और फिर बाहर एक युवक उसे अंदर करके बाहर से ताला लगा देता था। आज कार्रवाई में अंदर सभी 47 लोगों को रंगे हाथ दबोच लिया गया। इनके पास से 10 लाख रुपए बरामद किए गए हैं। सभी आरोपियों के नाम पते लिखवाने पर पता चला कि बनारस के बाहर से भी लोग जुआ खेलने आते थे।
इस मकान को विशाल सिंह ने किराए पर ले रखा था। गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जांच के साथ गैंगस्टर एक्ट समेत अन्य धाराओं में कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।



