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वाराणसी के पूर्व CMO डॉ. मुकेश कुमार निलंबितः 69 दिन में ही छिनी कुर्सी, स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही; डिप्टी सीएम हुए थे नाराज

चीफ़ एडिटर – अमर नाथ साहू
रिपोर्ट – सत्यम गुप्ता

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वाराणसी के नए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. एनपी सिंह ने मंगलवार को कार्यभार ग्रहण कर लिया। वहीं, सोमवार को पद से हटाए गए पूर्व CMO डॉ. मुकेश कुमार को शासन ने देर शाम निलंबित कर दिया। उन्हें निलंबन अवधि में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं महानिदेशालय, लखनऊ से संबद्ध किया गया है।

अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष ने निलंबन संबंधी पत्र जिला प्रशासन को भेजा है। डॉ. मुकेश कुमार पर कार्य में लापरवाही, जन शिकायतों की अनदेखी, स्वास्थ्य सेवाओं की खराब स्थिति और अधीनस्थ डॉक्टरों-कर्मचारियों पर प्रभावी नियंत्रण नहीं रखने के आरोप लगाए गए हैं।

वहीं डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. ब्रजेश पाठक ने वाराणसी में हुई समीक्षा बैठक में जननी सुरक्षा योजना के लाभार्थियों को समय पर भुगतान नहीं किए जाने पर नाराजगी जताई थी। मामले की विभागीय जांच भी होगी।

2 जून को संभाला था पद, 69 दिन में निलंबन

डॉ. मुकेश कुमार ने 2 जून 2026 को वाराणसी के CMO का पद संभाला था। करीब 69 दिन के छोटे कार्यकाल के दौरान ही उनकी कार्यप्रणाली को लेकर शासन स्तर पर सवाल उठने लगे।

शासन के पत्र के मुताबिक, सीएम डैशबोर्ड की सतत निगरानी नहीं की गई। इसके चलते जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति लगातार खराब और असंतोषजनक बनी रही। वहीं, जनसुनवाई पोर्टल (आईजीआरएस) पर आने वाली शिकायतों का समय से और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण नहीं किया गया।

जननी सुरक्षा योजना के भुगतान पर भी मंत्री ने जताई थी नाराजगी

डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. ब्रजेश पाठक ने वाराणसी में हुई समीक्षा बैठक में जननी सुरक्षा योजना के लाभार्थियों को समय पर भुगतान नहीं किए जाने पर नाराजगी जताई थी। बैठक में स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं और सीएम डैशबोर्ड की प्रगति की भी समीक्षा की गई थी।

जानकारों के मुताबिक, जन शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही और सीएम डैशबोर्ड की प्रभावी निगरानी नहीं होना कार्रवाई की प्रमुख वजहों में शामिल रहा।

जूनियर डॉक्टर-कर्मचारियों पर प्रभावी नियंत्रण नहीं

शासन के निलंबन आदेश में कहा गया है कि डॉ. मुकेश कुमार अपने अधीनस्थ जूनियर डॉक्टरों और कर्मचारियों पर प्रभावी नियंत्रण नहीं रख पाए। इसे उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली के प्रावधानों का उल्लंघन माना गया है।

शासन ने मामले की गहन जांच के लिए अधिकारी नियुक्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। विभागीय जांच में पूर्व CMO पर लगाए गए आरोपों की विस्तृत पड़ताल की जाएगी।

अब डॉ. एनपी सिंह के सामने स्वास्थ्य व्यवस्था सुधारने की चुनौती

डॉ. एनपी सिंह ने मंगलवार को वाराणसी के नए CMO के रूप में कार्यभार संभाल लिया। उनके सामने जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी मजबूत करने, जन शिकायतों का समय से निस्तारण कराने, सीएम डैशबोर्ड की नियमित समीक्षा और सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ समय पर पात्रों तक पहुंचाने की चुनौती होगी।

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