रवि आर्य / बलिया

बलिया। जनपद के रसड़ा क्षेत्र में प्रशासनिक आदेशों की अनदेखी और अवैध कब्जा कराए जाने के आरोप को लेकर एक मामला सामने आया है। कस्बा रसड़ा निवासी जवाहर लाल पुत्र रामेश्वर प्रसाद ने जिलाधिकारी बलिया को प्रार्थना पत्र देकर तहसील प्रशासन और स्थानीय पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

प्रार्थी का कहना है कि उन्होंने 9 फरवरी 2026 को जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर मामले में न्याय की मांग की थी। इसके बाद जिलाधिकारी द्वारा तहसीलदार रसड़ा से विस्तृत जांच आख्या तलब की गई। तहसीलदार की जांच रिपोर्ट दिनांक 11 मार्च 2026 के अवलोकन के बाद मामले के निस्तारण हेतु निर्देश जारी किए गए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
पीड़ित के अनुसार, पुनः 18 मई 2026 को जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र दिया गया, जिसके बाद फिर से तहसीलदार रसड़ा को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसके क्रम में 26 मई 2026 को तहसीलदार रसड़ा ने आदेश जारी करते हुए कहा कि माननीय दीवानी न्यायालय द्वारा 6 अक्टूबर 1988 को पारित डिग्री के आलोक में कब्जा-दखल में कोई व्यवधान न होने दिया जाए तथा शांति व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
इसके बावजूद प्रार्थी ने आरोप लगाया कि एसएचओ रसड़ा द्वारा उप जिलाधिकारी रसड़ा की मौजूदगी में भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर उनके सहन में अवैध कब्जा कराया जा रहा है। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि उप जिलाधिकारी द्वारा उनके दस्तावेजों और न्यायालय के आदेशों की उपेक्षा की जा रही है।

पीड़ित ने जिलाधिकारी से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर तहसीलदार द्वारा पारित आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कराने तथा न्याय दिलाने की मांग की है।
रसड़ा क्षेत्र में इस प्रकरण को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं व्याप्त
पीड़ित परिवार का कहना है कि उनके वैध दस्तावेजों और न्यायालय के आदेशों को नजरअंदाज किया गया। क्षेत्र में इस पूरे प्रकरण को लेकर लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं तथा योगी सरकार में कुछ अफसरों के बढ़े मनोबल को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
पीड़ित परिवार ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यशैली से वे बेहद दुखी और भयभीत हैं। मामले को लेकर स्थानीय लोगों में भी नाराजगी देखी जा रही है। पीड़ित ने जिलाधिकारी से हस्तक्षेप कर तहसीलदार के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कराने और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।
एसडीएम ने नहीं दिया संतोषजनक उत्तर
रसड़ा : जब इस बाबत रसड़ा उप जिलाधिकारी से पत्रकार रवि आर्य द्वारा टेलीफोनिक वार्ता की गई, तो उन्होंने पूरी बात सुनने के बाद कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दिया। एसडीएम रसड़ा रवि कुमार ने पूरी बात सुनकर कहा कि बताते हैं इतना कहकर साहब ने फ़ोन काट दिया। साहब का यह कार्यशैली कई प्रकार के संदेह / संलिप्तता को जन्म दे रहा है।
पीड़ित ने जिलाधिकारी से हस्तक्षेप कर निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।




