चीफ़ एडिटर – अमर नाथ साहू
रिपोर्ट – सत्यम गुप्ता

सावन के पावन माह में काशी की सुबह अब शिवमय माहौल के बीच शुरू होगी। नगर निगम कार्यकारिणी ने निर्णय लिया है कि 5 अगस्त से शहर के 55 प्रमुख चौराहों पर लगे पब्लिक एड्रेस सिस्टम से प्रतिदिन सुबह 5:30 से 6:30 बजे तक शिवस्रोत का प्रसारण किया जाएगा। मंगलवार को महापौर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में हुई कार्यकारिणी बैठक में यह फैसला लिया गया।
बैठक में सावन और संभावित बाढ़ को देखते हुए नगर प्रशासन को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए। सभी शिवालयों और मंदिर परिसरों को प्लास्टिक मुक्त रखने, कांवड़ियों के लिए 24 घंटे निःशुल्क सार्वजनिक शौचालय उपलब्ध कराने तथा आम नागरिकों के लिए शौचालयों पर शुल्क सूची अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने का निर्णय लिया गया। राहत शिविरों में पेयजल, भोजन, बिस्तर और स्वच्छता की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।
मेयर ने स्ट्रीट लाइटों की रिपोर्ट वार्डवार मांगी
कार्यकारिणी ने शहर में वर्षा जल संचयन (वॉटर हार्वेस्टिंग), नाला सफाई, पार्कों के सौंदर्याकरण और स्ट्रीट लाइटों के रखरखाव की समीक्षा करते हुए वार्डवार रिपोर्ट तलब की। पंचक्रोशी मार्ग स्थित धर्मशालाओं और विश्राम स्थलों से अवैध कब्जे हटाने तथा नगर निगम की संपत्तियों को चिह्नित कर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटरों, डाटा एनालिस्टों, प्रोग्रामरों और आईटी विशेषज्ञों के मानदेय में वृद्धि का प्रस्ताव भी पारित किया गया। साथ ही सीएसआर फंड से कराए गए कार्यों का विस्तृत ब्यौरा मांगा गया। विकास कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, डोर-टू-डोर कूड़ा उठान व्यवस्था की जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने तथा विभिन्न अधूरी परियोजनाओं को शीघ्र पूरा कराने पर भी जोर दिया गया।
OTS योजना को मंजूरी, ब्याज और सरचार्ज पूरी तरह माफ
कार्यकारिणी ने गृहकर, जलकर और सीवरकर के बकायेदारों के लिए एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) को भी मंजूरी दे दी। यह योजना 15 अगस्त से 15 दिसंबर तक लागू रहेगी। इसके तहत मूल बकाया राशि का एकमुश्त भुगतान करने पर पूरा ब्याज और सरचार्ज माफ होगा। आवेदन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से किए जा सकेंगे।
एक लाख रुपये तक के बकायेदारों को किस्तों में भुगतान की सुविधा भी दी गई है। वे पहले 30 दिनों में कुल बकाया का एक-तिहाई जमा करेंगे, जबकि शेष राशि दो मासिक किस्तों में अदा कर सकेंगे।
बैठक में संपत्ति कर निर्धारण प्रणाली में संशोधन को भी मंजूरी दी गई। सूक्ष्म एवं लघु औद्योगिक इकाइयों के लिए संपत्ति कर की दरों में राहत दी गई है, जबकि औद्योगिक इकाइयों, स्टार होटलों, रिसॉर्ट्स, पर्यटन इकाइयों तथा सरकारी एवं सार्वजनिक उपक्रमों के कार्यालयों के लिए नई दरें निर्धारित की गई है।




