चीफ़ एडिटर – अमर नाथ साहू
क्राइम ब्यूरो – पंकज भाटिया

वाराणसी के मिर्जामुराद थाना क्षेत्र में दहेज प्रताड़ना का मामला सामने आया है। अरका गांव निवासी रेशमा देवी की तहरीर पर पुलिस कमिश्नर के आदेश पर मिर्जामुराद पुलिस ने पति समेत ससुराल पक्ष के छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। रेशमा ने आरोप लगाया है कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग दहेज में सोने की चेन की मांग कर उसे प्रताड़ित कर रहे थे।
रेशमा देवी का विवाह 15 दिसंबर 2023 को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत सुसुवाही निवासी दीपक कुमार के साथ हुआ था। इसके बाद 26 अप्रैल 2024 को मायके में हिंदू रीति-रिवाज से वैवाहिक कार्यक्रम संपन्न हुआ। रेशमा के मायके पक्ष की ओर से मोटरसाइकिल, पति को सोने की अंगूठी और करीब एक लाख रुपये कीमत का घरेलू सामान दिया गया था।
महिला का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद पति दीपक कुमार, ससुर बबलू कुमार, सास सुनीता देवी और ननदें सोने की चेन की मांग करने लगीं। रेशमा के मुताबिक, गर्भवती होने के बाद भी दहेज की मांग जारी रही। मांग पूरी करने में असमर्थता जताने पर उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई तथा गर्भावस्था के दौरान उसे घर से बाहर निकाल दिया गया।

पीड़िता मायके पहुंची, जहां उसने एक पुत्री को जन्म दिया। काफी समझाने-बुझाने के बाद ससुराल पक्ष उसे वापस ले गया। हालांकि, आरोप है कि दोबारा दहेज की मांग को लेकर उसके साथ मारपीट की गई और सावन 2025 में उसे फिर घर से निकाल दिया गया।
पीड़िता ने इस संबंध में 4 नवंबर 2025 को पुलिस आयुक्त के समक्ष प्रार्थना पत्र दिया था। यह मामला महिला सहायता प्रकोष्ठ, मध्यस्थता केंद्र और बाद में एसीपी राजातालाब के पास भेजा गया। लेकिन मुकदमा नहीं दर्ज हुआ, दोबारा महिला पुलिस कमिश्नर वाराणसी को शिकायत पत्र दिया।
प्रार्थना पत्र के आधार पर पुलिस ने पति दीपक कुमार, ससुर बबलू कुमार, सास सुनीता देवी सहित तीन ननदो के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।



