चीफ़ एडिटर – अमर नाथ शाहू
क्राइम ब्यूरो – पंकज भारिया

वाराणसी में लगातार वीवीआईपी मूवमेंट और त्योहार को लेकर कमिश्नरेट पुलिस लगातार सतर्क रहती है। इसी क्रम में एडीजी सिक्योरिटी के निर्देश पर वाराणसी में एनएसजी, सीएम सिक्योरिटी, पुलिस, ट्रैफिक और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने सुरक्षा व्यवस्था को परखा।
सुबह 9 बजे पुलिस कमिश्नर कार्यालय से ‘सीएम’ का काफिला निकला जो जिला मुख्यालय होते हुए पुलिस लाइन गया।
इसके पहले जिला मुख्यालय से पुलिस लाइन तक का मार्ग जीरो किया गया है। पुलिस अधिकारियों की जीप इसपर दौड़ती दिखी। रस्ते में टहल रहे लोगों को किनारे करवाया गया। इसके बाद एंटी डेमो रवाना की गई। जिसके दो मिनट बाद वार्निंग कार और फिर पायलट के बाद सीएम का काफिला पुलिस लाइन पहुंचा।
एडीजी सिक्योरिटी के निर्देश पर हुआ मॉक ड्रिल
वाराणसी में मॉक ड्रिल के बाद डीआईजी शिवहरि मीना ने बताया – एडीजी सिक्योरटी के तरफ से महत्वपूर्ण शहरों में एक एसपी बनाकर दी गयी है। जिसमें एनएसजी और अन्य सिक्योरटी एजेंसियों और पुलिस का समन्वय बेहतर और अच्छा हो जाए।
ताकि वीआईपी मूवमेंट के साथ ही साथ जो फेस्टिवल में जो गेदरिंग होती है। उस दौरान कोई भी इमरजेंसी होती हो मेडिकल, या फिर अन्य कोई इमरजेंसी हो। उसे लेकर आज मल्टिपल एजेंसी के साथ स्थानीय पुलिस का एक मॉक ड्रिल हुआ है।
और बेहतर करने की हुई एक्सरसाइज
डीआईजी ने बताया – इस दौरान एजेंसियों ने रास्ता, वेन्यू पर अपना पार्ट प्ले किया। इसके दौरान क्या अच्छा और क्या बेहतर हो सकता है। और क्या हो सकता है। उस एक्सरसाइज को पुलिस प्रशासन ने किया है। एनएसजी विभिन्न एजेंसियों के साथ आयी हुई है। उनके अधिकारी आये हुए हैं। जिनके द्वारा पहले ब्रीफिंग हुई फिर रिहर्सल हुआ ।
रियल टाइम एक्शन के साथ हुई मॉक ड्रिल
डीआईजी ने बताया – इसके बाद एक ब्रीफिंग सेशन भी हुआ। इसमें बताया गया कि वीवीआईपी मूवमेंट के साथ जो गेदरिंग होती है। उसको सीखते हुए। अच्छी व्यवस्था की जा सके उसके लिए एक मॉक ड्रिल की गई है।
मॉक ड्रिल को रियल टाइम एक्सरसाइज की तरह लिया गया है। प्रॉपर रोड जीरो किया गया। सभी टीमों को क्या करना है। उन्होंने सभी रोल प्ले किया। यदि इमरजेंसी होती है तो कौन क्या करेगा और बेहतर कैसे करेगा। इसकी ब्रीफिंग की गई है।




