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वाराणसी में शिर्डी साईं बाबा मंदिर का दो दिवसीय 14वां स्थापना दिवस हर्षोल्लास के साथ हुआ संपन्न

चीफ एडिटर : अमर नाथ साहू
क्राइम ब्यूरो : पंकज भाटिया

वाराणसी। के मलदहिया क्षेत्र में स्थित श्री शिर्डी साईं बाबा मंदिर का दो दिवसीय 14वां स्थापना दिवस समारोह इस वर्ष श्रद्धा, भक्ति और भव्यता का अद्भुत उदाहरण बनकर उभरा।
स्थापना दिवस के अवसर पर पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला और साईं बाबा के जयकारों से वातावरण गूंजता रहा।

प्रातःकाल ब्रह्म मुहूर्त में बाबा की काकड़ आरती के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच बाबा को पंचद्रव्य से विधिवत मंगलस्नान कराया गया। स्नान उपरांत बाबा को सुगंधित पुष्पों से सजे मनोहारी हार अर्पित किए गए। आरती के दौरान मंदिर परिसर में उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर होकर बाबा के चरणों में शीश नवाते दिखाई दिए।

स्थापना दिवस को लेकर पूरे मंदिर परिसर को रंग-बिरंगे फूलों, विद्युत झालरों और विशेष पुष्प सज्जा से भव्य रूप दिया गया, जिससे मंदिर की दिव्यता और भी बढ़ गई। दिन भर बाबा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की निरंतर आवाजाही बनी रही और परिसर में आस्था का सैलाब उमड़ता रहा।

साईं उत्सव का मुख्य आकर्षण श्री साईं बाबा की भव्य पालकी शोभायात्रा रही, जिसे फूलों से सुसज्जित कर मंदिर परिसर से निकाला गया। यह शोभायात्रा तेलियाबाग, जगतगंज, लहुराबीर जैसे प्रमुख मार्गों से होती हुई पुनः मंदिर परिसर में पहुंची।
शोभायात्रा में हाथी, घोड़े और विमान विशेष आकर्षण का केंद्र रहे, जिन्हें देखने के लिए मार्ग के दोनों ओर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग सभी इस दृश्य को देखकर आनंदित नजर आए।

शोभायात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर भक्तों द्वारा बाबा की आरती उतारी गई, पुष्पवर्षा की गई और प्रसाद वितरित किया गया। शहनाई, ढोल-नगाड़ों, मंजीरों और भजन-कीर्तन की मधुर ध्वनि से पूरा क्षेत्र भक्तिरस में डूब गया, जिससे यात्रा एक चलते-फिरते भक्ति महोत्सव में परिवर्तित हो गई।

मंदिर परिसर में यात्रा के पहुंचते ही पुनः बाबा की आरती संपन्न हुई। इसके पश्चात बाबा के प्रिय भोजन खिचड़ी प्रसाद का वितरण बड़े सेवा भाव के साथ श्रद्धालुओं में किया गया। श्रद्धालुओं ने पंक्तिबद्ध होकर प्रसाद ग्रहण किया, जिससे साईं बाबा के समता और सेवा के संदेश की झलक स्पष्ट रूप से देखने को मिली।

सायंकाल 6:00 बजे से मंदिर परिसर में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें भजन, कीर्तन और धार्मिक प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कलाकारों की प्रस्तुतियों में साईं बाबा के जीवन, उनके उपदेशों और मानवता के संदेश को सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया गया।

रात्रि में बाबा की महाआरती संपन्न हुई, जिसमें दीपों की जगमगाहट, मंत्रोच्चार और शंखनाद से वातावरण अत्यंत दिव्य हो गया। महाआरती के समय मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा। इसके पश्चात पुनः प्रसाद वितरण किया गया।

पूरे कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री रजनीश कनौजिया ने की। उन्होंने आयोजन से जुड़े सभी सहयोगियों, स्वयंसेवकों और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि साईं बाबा की कृपा से यह आयोजन पूर्ण श्रद्धा और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम में श्री प्रेम मिश्रा,कैलाश साहू, गुलशन कनौजिया, आशीष कुमार, उज्जवल कनौजिया,आदित्य चौधरी,अमित शेवारमानी, अंकित लिल्हा, डा अशोक राय, भागवत मिश्र,अमन जायसवाल ,राजीव यादव, सिंधु जी, राजेश चौहान,घनश्याम जायसवाल,पप्पू साहू, उत्कर्ष चौधरी, संदीप सिंह,अजय श्रीवास्तव,गौरव जायसवाल, गौतम प्रसाद,राम भजन अग्रहरि, घनश्याम जायसवाल, राजन जायसवाल सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

दो दिवसीय यह स्थापना दिवस समारोह श्रद्धा, सेवा, समर्पण और सामाजिक सौहार्द का जीवंत उदाहरण बना, जिसने साईं बाबा के “सबका मालिक एक” के संदेश को जन-जन तक पहुंचाया।

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