चीफ एडिटर – अमर नाथ साहू
रिपोर्ट – अभिषेक सोनकर

वाराणसी के ओरियाना हॉस्पिटल में बुधवार को 28 वर्षीय नीलम पटेल की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि डिलीवरी के बाद नीलम की हालत बिगड़ी तो उन्हें प्रज्ञा हॉस्पिटल से ओरियाना हॉस्पिटल रेफर किया गया। यहां पहुंचने के बाद काफी देर तक इलाज की स्थिति की जानकारी नहीं दी गई। बाद में उनकी मौत की सूचना मिली।
हंगामे की जानकारी पर पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाकर शांत कराया। वार्ड नंबर 39 के भाजपा पार्षद सुरेश पटेल उर्फ गुड्डू भी मौके पर मौजूद रहे। अब परिजन प्रज्ञा हॉस्पिटल के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
ऑपरेशन से हुई डिलीवरी, रात में बिगड़ी तबीयत
मृतका के भाई आशीष कुमार पटेल के मुताबिक, उन्होंने मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे नीलम को प्रज्ञा हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। दोपहर करीब एक बजे ऑपरेशन से डिलीवरी हुई। उनका दावा है कि इसके बाद नीलम की हालत सामान्य थी।
आशीष ने बताया कि रात करीब 10 बजे नीलम को दर्द हुआ तो नर्स को बुलाया गया। परिजनों का आरोप है कि इंजेक्शन देने के बाद उनका ब्लड प्रेशर बढ़ने लगा और घबराहट भी होने लगी। इसके बाद नीलम को आईसीयू में ले जाने की बात कही गई। वहां भी इंजेक्शन देने के बाद उनकी हालत में उतार-चढ़ाव होता रहा। स्थिति गंभीर होने पर परिजनों को बाहर कर दिया गया।
सुबह 4:30 बजे ओरियाना हॉस्पिटल लाए
आशीष के अनुसार, प्रज्ञा हॉस्पिटल की ओर से नीलम को बेहतर इलाज के लिए ओरियाना हॉस्पिटल ले जाने की सलाह दी गई थी। परिजनों को बताया गया कि वहां बेहतर सुविधाएं और बड़ा ऑपरेशन थिएटर है। इसके बाद बुधवार सुबह करीब 4:30 बजे एंबुलेंस से नीलम को ओरियाना हॉस्पिटल लाया गया।
परिजनों का आरोप है कि यहां पहुंचने पर कर्मचारियों
ने जांच के बाद नीलम की नब्ज ठीक से नहीं चलने की बात कही और उन्हें नीचे इंतजार करने को कहा। आशीष के मुताबिक, परिवार के लोग करीब डेढ़ घंटे तक इस उम्मीद में इंतजार करते रहे कि नीलम की हालत में सुधार होगा। बाद में एक रिश्तेदार ऊपर गए तो उन्हें नीलम की मौत की जानकारी मिली।

ओरियाना प्रबंधन बोला- गंभीर हालत में लाई गई थीं
ओरियाना हॉस्पिटल प्रशासन के मुताबिक, जब नीलम को अस्पताल लाया गया, तब उनकी हालत गंभीर थी। उन्हें बचाने का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी मौत हो गई।
वहीं, भेलूपुर थाना प्रभारी दुर्गा प्रसाद ने बताया कि परिजनों को समझाकर शांत करा दिया गया है। उनकी शिकायत की जांच की जा रही है। परिजन प्रज्ञा हॉस्पिटल के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। फिलहाल इलाज में लापरवाही के आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।




