चीफ एडिटर – अमर नाथ साहू
रिपोर्ट – अभिषेक सोनकर

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की ऐतिहासिक सफलता और ‘नई दिल्ली घोषणापत्र’ को सर्वसम्मति से मंजूरी मिलने की खुशी में वाराणसी में एक विशेष आध्यात्मिक आयोजन किया गया। गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर नमामि गंगे टीम ने महर्षि वेद विज्ञान विद्यापीठ के वेदपाठी बटुकों के साथ मिलकर बाबा विश्वनाथ और मां गंगा का आभार जताया।
सिद्धेश्वरी स्थित आध्यात्मिक परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में अनोखा नजारा देखने को मिला। आयोजन में ब्रिक्स देशों के राष्ट्रध्वज और वहां के राष्ट्रपतियों की तस्वीरें लेकर स्वस्तिवाचन किया गया। वेदपाठी बटुकों और नमामि गंगे के सदस्यों ने द्वादश ज्योतिर्लिंगों और गंगाष्टकम का पाठ करते हुए सम्मेलन की सफलता के लिए देवों का आभार जताया और पूरे विश्व की शांति के लिए प्रार्थना की।
दुनिया तक पहुंचा ‘वसुधैव कुटुंबकम’ का संदेश
नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक और नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया के सबसे बड़े आर्थिक संगठन (ब्रिक्स) की शुरुआत और समापन, दोनों ही मौकों पर प्राचीन भारतीय ज्ञान, संस्कृति और ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की महान भावना को पूरी दुनिया के सामने रखा।
रूस और चीन के साथ मजबूत होंगे द्विपक्षीय संबंध
राजेश शुक्ला ने सम्मेलन के कूटनीतिक और आर्थिक मायनों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि व्यापार हो या सीमा सुरक्षा, साझे हितों पर भारत और चीन का साथ आना यह दर्शाता है कि दोनों देशों के संबंधों में सुधार की अच्छी गति बनी है। इसके अलावा, नई दिल्ली में आयोजित इस सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता का मुख्य निष्कर्ष रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और निवेश को बढ़ावा देना रहा है, जो भविष्य में इन देशों के साथ भारत के संबंधों को और प्रगाढ़ करेगा।



