यूपी हेड : अमर नाथ साहू
मण्डल ब्यूरो : रोहित चौरसिया

वाराणसी: काशी में गंगा की लहरों पर गंगोत्री जलयान आत्मनिर्भर भारत की सैर कराएगा। यह स्वदेशी जलयान गंगा की गोद में अतिथि देवो भव:… के संकल्प के साथ अतिथियों का सत्कार करेगा। गंगोत्री क्रूज जल के जरिये सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देगा।
कोलकाता के बोस शिपयार्ड में निर्मित चार मंजिला गंगोत्री क्रूज मेक इन इंडिया की भावना को साकार करते हुए काशी से चुनार और गाजीपुर के बीच जलमार्ग से पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए तैयार है। अलकनंदा क्रूज लाइन के निदेशक विकास मालवीय ने बताया कि गंगोत्री क्रूज स्वदेशी तकनीक और कौशल का प्रतीक है।
52 मीटर लंबा और 12 मीटर चौड़े इस क्रूज में 24 आलीशान एयर कंडीशंड कमरे हैं। इसमें एक साथ 50 से अधिक पर्यटक ठहर सकते हैं। इसकी डिजाइन में अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों का पालन किया गया है। क्रूज का संचालन रविदास घाट से होगा। यह पर्यटकों को मिर्जापुर, विंध्याचल, चुनार किला, मार्कंडेय महादेव और गाजीपुर जैसे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों का भ्रमण कराएगा। क्रूज की गति 15 से 20 किलोमीटर प्रति घंटा होगी।
जिम, स्पा, रेस्टोरेंट, लाउंज एरिया जैसी सुविधाएं…
विकास मालवीय ने बताया कि इसके इंटीरियर को भारतीय परंपराओं और सांस्कृतिक तत्वों से सजाया गया है। क्रूज में जिम, स्पा, रेस्टोरेंट, लाउंज एरिया और सन डेक जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। पर्यटकों को योग सत्र, भक्ति संगीत, बनारसी व्यंजन, सांस्कृतिक कार्यक्रम, घाटों के वॉकिंग टूर और हेरिटेज व्याख्यान जैसे आयोजनों का भी लुत्फ उठाने का मौका मिलेगा।
गंगोत्री क्रूज 40 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार प्रदान करेगा। इसके अलावा, यह 150 से अधिक मेहमानों के लिए अलग-अलग तल के डायनिंग एरिया में एक साथ पारंपरिक व्यंजनों को परोसने की क्षमता रखता है, जिसमें बनारसी और भारतीय व्यंजनों का विशेष समावेश होगा।।।



