चीफ एडिटर : अमर नाथ साहू
डिस्ट्रिक्ट ब्यूरो : राकेश वलेचा

वाराणसी । श्री काशी विश्वनाथ धाम में महाशिवरात्रि पर्व की तैयारियों का शुभारंभ आज विधि-विधानपूर्वक श्री गणेश पूजन के साथ किया गया। महोत्सव के आरंभ से पूर्व गणेश जी महाराज से अनुमति एवं आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए धाम परिसर में विशेष पूजा-अर्चना संपन्न हुई।
मंदिर न्यास का प्रतिनिधित्व करते हुए श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच धाम में विराजमान प्रथम पूज्य गौरी नंदन श्री गणेश जी का विधिवत पूजन किया।
इस अवसर पर श्री गणेश जी को वस्त्र, पुष्प, दुर्वा, माला, नैवेद्य एवं विशेष भोग अर्पित किए गए। भावपूर्ण स्तुति के उपरांत आरती उतारकर विघ्नविनाशक से महाशिवरात्रि महोत्सव के निर्विघ्न संपन्न होने की प्रार्थना की गई।

गणेश पूजन से हुआ शिवरात्रि महोत्सव का शुभारंभ
श्री गणेश पूजन के साथ ही श्री काशी विश्वनाथ धाम में महाशिवरात्रि महोत्सव का औपचारिक शुभारंभ हो गया है। यह पर्व काशी की आध्यात्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है, जिसमें देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन हेतु काशी पधारते हैं।
महोत्सव की शास्त्रीय परंपरा के अनुसार कल से मंदिर परिसर में स्थित सभी प्रधान विग्रहों का रुद्राभिषेक किया जाएगा। इसके माध्यम से देव विग्रहों को जागृत कर विधिवत आराधना की जाएगी। साथ ही समस्त देवताओं का आह्वान कर उन्हें महोत्सव में सहभागी बनने तथा श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान करने हेतु आमंत्रित किया जाएगा।
रंग-बिरंगे लाइटों और फूलों से सज रहा धाम
धाम परिसर को भव्य रूप से सजाया जा रहा है और श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं सुचारु दर्शन व्यवस्था को लेकर मंदिर प्रशासन द्वारा व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर काशी एक बार फिर शिवमय वातावरण में डूबने को तैयार है।
महाशिवरात्रि पर बाबा काशी विश्वनाथ को मथुरा से भेजे जाएंगे विवाह से जुड़े वस्त्र और श्रृंगार का सामान
भगवान शिव के विवाह में प्रयुक्त होने वाले नेग-पंचमेवा, फलाहारी चढ़ावा, वस्त्र, आभूषण और अन्य श्रृंगार सामग्री मथुरा से काशी भेजी जाएगी। इन सामग्रियों को विशेष रूप से भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा में तैयार किया गया है। आठ फरवरी को मथुरा में सूर्योदय के बाद एक सजी ट्रक से विवाह सामग्री वाराणसी के लिए रवाना की जाएगी। 9 फरवरी को सामग्री श्री काशी विश्वनाथ धाम पहुंचेगी। ब्रजवासी हरि-हर के स्वरूप का साक्षात्कार करते हुए पुष्पवर्षा कर सामग्री को विदा करेंगे।



