चीफ एडिटर – अमर नाथ साहू
क्राइम ब्यूरो – पंकज भाटिया

वाराणसी में पिता की हत्या के मामले में छोटे बेटे समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक, हत्या की साजिश करीब 6 महीने से रची जा रही थी। 21 अक्टूबर की रात राजेश पटेल घर के बाहर खून से लथपथ मिले थे।
उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 24 अक्टूबर को इलाज के दौरान मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मस्तिष्क में गोली लगने से मौत की पुष्टि हुई। रविवार देर शाम शव घर पहुंचने पर परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पिसौरी माता मंदिर के पास जाम लगा दिया।
पुलिस के आश्वासन के बाद करीब ढाई घंटे में जाम खत्म हुआ और परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए। घटना शिवपुर क्षेत्र के पिसौर गांव की है।
6 महीने से पिता की हत्या की साजिश रच रहा था बेटा
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार छोटे बेटे शिवम ने पूछताछ में बताया कि उसके पिता राजेश पटेल उसके साथ मारपीट करते थे। पिता ने उसके बड़े भाई को भी घर से निकाल दिया था। इस व्यवहार से वह नाराज था और पिता की हत्या की योजना बनाने लगा।
पुलिस के अनुसार, शिवम करीब 6 महीने से हत्या की साजिश रच रहा था। उसने अपने दोस्त रमेश उर्फ बादशाह को भी इसमें शामिल किया। वारदात के समय एक अन्य आरोपी भी मौजूद था, जिसने हत्या में मदद की। पुलिस का कहना है कि गोली रमेश उर्फ बादशाह ने चलाई थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोली लगने से मौत की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने जांच तेज की। सर्विलांस की मदद से छोटे बेटे शिवम समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस अब हत्या में इस्तेमाल हथियार और तीसरे आरोपी की तलाश कर रही है।
रात एक बजे घर के बाहर खून से लथपथ मिले थे
राजेश की पत्नी अनीता पटेल ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 21 अक्टूबर को उनके पति भैंस की खरीद-बिक्री के सिलसिले में राजातालाब गए थे। शाम करीब 6 बजे घर लौट आए। इस दौरान बेटा शिवम मूर्ति विसर्जन में शामिल होने गया था और रात 8 बजे घर लौटा।
अनीता के मुताबिक, उस समय वह और राजेश घर के बाहर तख्त पर बैठे थे। शिवम के लौटने के बाद वह उसे लेकर घर के अंदर सोने चली गईं। रात करीब एक बजे आहट सुनकर बाहर निकलीं तो राजेश खून से लथपथ पड़े थे। उन्होंने एक लंबे और दुबले युवक को खेत की तरफ से सड़क की ओर भागते हुए भी देखा।
गोली लगने से गंभीर रूप से घायल राजेश को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान 24 अक्टूबर को उनकी मौत हो गई।
शव सड़क पर रखकर लगाया जाम, पुलिस ने समझाकर हटवाया
रविवार देर शाम राजेश का शव घर पहुंचने के बाद परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर रात 9 बजे के बाद पिसौरी माता मंदिर के पास जाम लगा दिया। परिजनों ने घटना के करीब 65 घंटे बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर नाराजगी जताई।
सूचना पर एसीपी कैंट प्रज्ञा पाठक पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं। उन्होंने परिजनों को समझाया और आश्वासन दिया कि फरार आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस की टीमें लगाई गई हैं। इसके बाद परिजन शांत हुए और जाम समाप्त कर दिया। करीब ढाई घंटे तक जाम लगा रहा।
थाना प्रभारी अजीत कुमार वर्मा ने बताया कि गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस जल्द ही मामले का पूरा खुलासा करने की बात कह रही है। फिलहाल तीसरे आरोपी और हत्या में इस्तेमाल हथियार की तलाश जारी है।



