चीफ एडिटर : अमर नाथ साहू
रिपोर्ट : नवीन लालवानी

वाराणसी । काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में शनिवार रात हुई फायरिंग की घटना को विश्वविद्यालय प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस मामले में कार्रवाई और जांच के लिए पांच सदस्यीय टीम नामित की है। जो फायरिंग की घटना में शामिल छात्रों को चिह्नित करेगी साथ ही सुरक्षा में कहां-कहां चूक है। उसपर भी एक रिपोर्ट बनाकर कुलपति को प्रेषित करेगी।
शनिवार की रात डालमिया हास्टल की तरफ से पल्सर पर सवार कुछ छात्र आये थे। जिन्होंने बिरला A के छात्र रौशन पर जानलेवा हमला किया। जिसमें वह बाल-बाल बच गया। फिलहाल उसकी एफआईआर दर्ज कर ली गई है। जिसके बाद बीएचयू प्रशासन ने अपनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
शनिवार को हुआ था हमला
छात्र रौशन कुमार ने शनिवार को प्रॉक्टर कार्यालय में सूचना दी थी कि वह अपने बिरला छत्रावास के बाहर खड़ा था तभी डालमिया हास्टल की तरफ से तीन छात्र पल्सर बाइक से आये इसे लक्ष्य करके चार राउंड फायरिंग की थी। इसपर पूरे परिसर की घरबंदी की गयी थी। इसके बावजूद पल्सर सवार नहीं पकड़ा गया था। क्योंकि रौशन हड़बड़ाहट में उसका नंबर नहीं पढ़ पाया था।
किसी भी छात्र को बक्शा नहीं जाएगा
विश्वविद्यालय प्रशासन की माने तो इस प्रकरण में विश्वविद्यालय ने सख्त कार्रवाई का रुख किया है। जो भी इसे शामिल है उसे बक्शा नहीं जाएगा। जिन लोगों का नाम इसमें आया है उन सभी का कैरेक्टर पता किया जा रहा है। जरा सी संलिप्तता पाए जाने पर उनके विरुद्ध विश्वविद्यालय प्रशासन भी FIR दर्ज कराएगा। साथ सभी छात्रों को जिनका नाम आएगा सामने उन्हें डिबार किया जाएगा।
लग रहा संवेदनशील इलाकों में सीसीटीवी
बीएचयू प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है। बिरला A हास्टल लेन और धन्वंतरि छात्रावास के पूरे क्षेत्र को सीसीटीवी कैमरों के दायरे में लाया जा रहा है ताकि अपराधियों की गतिविधियों को ट्रैक किया जा सके। सुरक्षा तंत्र को और अधिक रिस्पांसिव बनाने के लिए ‘पैनिक बटन’ तकनीक का इस्तेमाल शुरू कर दिया गया है। प्रमुख चौराहों को सुरक्षित किया जा रहा है ताकि बाहरी तत्वों या संदिग्धों की आवजाहो रोको जा सके। प्राक्टोरियल बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि घटना को देखते हुए पुलिस व प्रशासन जांच कर रही है।



