रिपोर्ट : अंजनी कुमार तिवारी

गाजीपुर। जनपद में एक भ्रष्टाचार से जुड़ा मामला प्रकाश में आया है। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि बिना कार्य किये मनरेगा में फर्जी भुगतान किया गया है। आपको बताते चलें कि ग्राम कामूपुर विकास खण्ड-बाराचवर तहसील-मुहम्दाबार,
खण्ड-बाराचवर जनपद गाजीपुर के निवासी व पीड़ित का कहना है कि वो जन्म से सम्पूर्ण शरीर एवं आँख से 100 प्रतिशत विकलांग है, तथा विकलांग पेन्शन से किसी तरह से अपना व अपने परिवार का गुजर-बसर करता है।
पीड़ित का आरोप है कि ग्राम प्रधान सुबास पासवान व ग्राम विकास अधिकारी से अपना आवास बनाये जाने हेतु बार -बार कहा व सम्मानित व्यक्तियों से भी कहलवाया, जिस पर प्रधान सुबास पासवान ने पीड़ित से अनपढ़ होने का फायदा उठाते हुए सादे कागजातों व फार्म पर हस्ताक्षर /अंगूठा निशानी बनाने लगा, पुछने पर उसके द्वारा बिकलांग / दिव्यांगजन योजना अन्तर्गत आवास दिलाने के लिए कहकर हम प्रार्थी जो जन्म से विकलांग है, के नाम पर मनरेगा योजना अन्तर्गत मजदूरी कार्य का पैसा लाखो रूपये आहरित कर लिया है। तथा धोखा देकर के अंगूठा निशानी / हस्ताक्षर भी ले लिया है। पीड़ित कत्तई मनरेगा योजना अन्तर्गत कोई विकास कार्य नहीं किया है, न ही उसके पास शारीरिक क्षमता है। पीड़ित मंजर ने संबंधित अधिकारियों को शिकायती पत्र भी सोपा है, इसके साथ है दोषियों पर कार्यवाही मुख्यमंत्री को पत्र भी भेजा है।



