चीफ एडिटर : अमर नाथ साहू
रिपोर्टर : अभिषेक सोनकर

वाराणसी: भारत निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश के निर्देश पर वाराणसी जिले में निर्वाचक नामावली के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) अभियान का शुभारंभ हो गया है। यह अभियान बुधवार से जिले के सभी बूथों पर एक साथ शुरू हुआ है, जो मतदाता सूची को और अधिक सटीक एवं अद्यतन बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने बताया कि अभियान के तहत निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) और बूथ लेवल अधिकारी (BLO) सक्रिय रहेंगे। उन्होंने राजनीतिक दलों, जनप्रतिनिधियों और सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे अभियान में पूरा सहयोग करें ताकि अधिक से अधिक पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में दर्ज किए जा सकें।वाराणसी में शुरू हुआ वोटर लिस्ट के लिए SIR अभियान, घर-घर जाएंगे बूथ लेवल अफसर, आपके पास इन दस्तावेजों का होना जरूरी।
कार्यक्रम का तिथिवार विवरण…
28 अक्टूबर 2025 से 03 नवम्बर 2025: विशेष पुनरीक्षण से जुड़ी तैयारियाँ, प्रशिक्षण एवं गणना प्रपत्रों का मुद्रण।
04 नवम्बर 2025 से 04 दिसम्बर 2025: बी.एल.ओ. द्वारा घर-घर जाकर गणना प्रपत्र (एनुमरेशन फॉर्म) का वितरण एवं संकलन।
09 दिसम्बर 2025: निर्वाचक नामावली का आलेख्य प्रकाशन (Draft Publication)।
09 दिसम्बर 2025 से 08 जनवरी 2026: दावे एवं आपत्तियाँ दाखिल करने की अवधि।
09 दिसम्बर 2025 से 31 जनवरी 2026: नोटिस जारी करना, सुनवाई, सत्यापन एवं निस्तारण प्रक्रिया।
07 फरवरी 2026: निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन (Final Publication)।
कैसे चलेगा घर-घर सर्वेक्षण कार्य
बी.एल.ओ. प्रत्येक घर जाकर एनुमरेशन फॉर्म वितरित करेंगे। पात्र मतदाता उस फॉर्म को भरकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ बी.एल.ओ. को वापस देंगे।
सत्यापन के बाद योग्य मतदाताओं के नाम सूची में जोड़े जाएंगे और गलत अथवा मृत मतदाताओं के नाम हटाए जाएंगे।
विभिन्न जन्म तिथि अवधि के अनुसार दस्तावेजों की आवश्यकता…
जिनका जन्म 01 जुलाई 1987 से पहले हुआ है और नाम 2003 की मतदाता सूची में है, उन्हें केवल एनुमरेशन फॉर्म भरना होगा तथा 2003 की मतदाता सूची की प्रति प्रमाण के रूप में देनी होगी।
जिनका जन्म 01 जुलाई 1987 से पहले हुआ है पर 2003 की मतदाता सूची में नाम नहीं है, उन्हें जन्म तिथि या जन्म स्थान प्रमाणित करने वाले दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।
जिनका जन्म 01 जुलाई 1987 से 02 दिसम्बर 2004 के बीच हुआ है, ऐसे मतदाता को स्वयं की जन्म तिथि/स्थान प्रमाणित करने के साथ ही माता-पिता के जन्म प्रमाण दस्तावेज देने होंगे।
जिनका जन्म 02 दिसम्बर 2004 के बाद हुआ है, उन्हें स्वयं तथा माता-पिता के जन्म तिथि और स्थान प्रमाण के दस्तावेज देने होंगे।
मान्य दस्तावेजों की सूची
सरकारी/सार्वजनिक उपक्रमों द्वारा निर्गत पहचान पत्र या पेंशन भुगतान आदेश (PPO)
बैंक, डाकघर, एलआईसी या किसी सरकारी संस्था द्वारा 01.07.1987 से पूर्व निर्गत पहचान प्रमाण
सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र
पासपोर्ट
मान्यता प्राप्त बोर्ड/विश्वविद्यालय द्वारा निर्गत शैक्षणिक प्रमाण पत्र
राज्य प्राधिकारी द्वारा जारी स्थायी निवास प्रमाण पत्र
वन अधिकार प्रमाण पत्र
जाति प्रमाण पत्र (OBC/SC/ST)
राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर की प्रविष्टि (जहां उपलब्ध हो)
परिवार रजिस्टर की प्रति
सरकार द्वारा आवंटित भूमि या मकान का प्रमाण पत्र
आधार कार्ड
बिहार राज्य की प्रगाढ़ पुनरीक्षण मतदाता सूची में दर्ज नाम की प्रति
निर्वाचन अधिकारी की अपील
जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार ने कहा कि हर पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में होना लोकतंत्र की बुनियाद है। इसलिए सभी नागरिक, विशेषकर युवा, इस अभियान में भाग लेकर अपना नाम अवश्य दर्ज कराएं। उन्होंने राजनीतिक दलों से भी आग्रह किया कि वे अपने कार्यकर्ताओं के माध्यम से अधिकतम जनसहभागिता सुनिश्चित करें।।।



