चीफ़ एडिटर – अमर नाथ साहू
ब्यूरो – राकेश सदेजा

झारखंड लोक सेवा आयोग और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और घोटालों के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्रों ने बुधवार को काशी हिंदू विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन किया।
छात्रों ने विश्वविद्यालय के MMV चौराहे से मुख्य द्वार की ओर जुलूस निकाला और झारखंड सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन किया। छात्रों ने परीक्षा व्यवस्था को निष्पक्ष एवं पारदर्शी बनाने, कथित अनियमितताओं की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना था कि प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार सामने आने वाली गड़बड़ियां और प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाएं युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं। उनका आरोप है कि परीक्षाओं की तैयारी में छात्र वर्षों तक मेहनत करते हैं, लेकिन परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितता के कारण उनकी मेहनत और भविष्य दोनों प्रभावित होते हैं। छात्रों ने सरकार से परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।
मुख्य गेट पर पुलिस से हुई धक्का-मुक्की
ABVP कार्यकर्ता MMV चौराहे से जुलूस लेकर बीएचयू के मुख्य गेट की ओर बढ़े। मुख्य गेट से पहले ही पुलिसकर्मियों ने छात्रों को रोकने का प्रयास किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई। छात्रों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने रस्सी लगाकर रास्ता रोकने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारी छात्र आगे बढ़ते हुए मुख्य गेट के मार्ग पर बैठ गए।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कहा कि वे युवाओं के अधिकार और उनके भविष्य की लड़ाई लड़ रहे हैं। उनका कहना था कि प्रशासन उन्हें आंदोलन करने से नहीं रोक सकता। इसी दौरान कुछ छात्रों ने कैंपस में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला जलाने का प्रयास किया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने पुतला दहन रोकने की कोशिश की। इसे लेकर कुछ समय तक मौके पर हंगामे की स्थिति बनी रही।
उच्चस्तरीय जांच की मांग
ABVP नेता पुनीत मिश्रा ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार सामने आने वाली गड़बड़ियां और प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाएं युवाओं के साथ अन्याय हैं। उन्होंने कहा कि छात्र वर्षों तक मेहनत कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। ऐसे में परीक्षा प्रणाली में पूरी पारदर्शिता सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।
पुनीत मिश्रा ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि किसी काली सूचीबद्ध कंपनी को परीक्षा कराने का ठेका दिया गया है तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने कथित अनियमितताओं में शामिल लोगों के खिलाफ त्वरित अदालत के माध्यम से कड़ी कार्रवाई की मांग की।
वहीं, छात्र नेता पल्लव ने कहा कि झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सख्त कानून बनाया जाना चाहिए। उन्होंने प्रश्नपत्र लीक और डिजिटल गड़बड़ियों पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की। साथ ही सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में अभ्यर्थियों को उत्तर पत्रक की कार्बन प्रति उपलब्ध कराने, उत्तर कुंजी जारी करने और न्यूनतम अंक निर्धारित करने की प्रक्रिया की समय-सीमा पहले से तय करने की मांग रखी।




