चीफ एडिटर – अमर नाथ साहू
क्राइम ब्यूरो – पंकज भाटिया

वाराणसी में ATS से ट्रेनिंग लेने वाले सिपाही को गोली मारकर भागने वाले 2 तस्करों को पुलिस ने शनिवार तड़के 3 बजे एनकाउंटर में पकड़ लिया। एक शुक्रवार रात ही अरेस्ट कर लिया गया था।
डीसीपी गौरव बंसवाल ने बताया- सिपाही अमित शुक्ला पर हमला करने वाले आरोपियों में से एक गिरफ्तार आरोपी राज विश्वकर्मा से पूछताछ में पता चला कि उसके साथी आरोपी अंजनी झा और राजू तिवारी शहर छोड़कर भागने वाले हैं।
पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें धर दबोचा। पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। बदमाशों ने बताया कि हमले में इस्तेमाल हथियार एक सुनसान इलाके में छिपा रखे हैं। पुलिस टीम उन्हें उस जगह ले गई। हथियार निकालते ही दोनों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी।
पुलिस की जवाबी फायरिंग में दोनों बदमाशों के पैर में गोली लगी। वे वहीं गिर पड़े। पुलिस ने उन्हें तुरंत हिरासत लिया। उनके हथियार जब्त किए और इलाज के लिए बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया। दोनों की हालत खतरे से बाहर है।
मामला लंका थाना क्षेत्र के लोटूबीर में सामनेघाट इलाके का है। घायल सिपाही का ऑपरेशन कर गोली निकाल दी गई है। उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।

अब सिलसिलेवार तरीके से पूरा मामला समझ लीजिए-
डीसीपी गौरव बसंवाल के मुताबिक, शुक्रवार रात करीब 8:30 बजे पुलिस को गोपनीय सूचना मिली थी कि कुछ लोग अवैध असलहों की बिक्री कर रहे हैं। इसके आधार पर लंका थाने की क्राइम ब्रांच टीम के चार सिपाही सुंदरपुर सब्जी मंडी के पीछे आशुतोष नगर पहुंचे थे।
वहां मौजूद दो आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। इसमें कांस्टेबल अमित शुक्ला को गोली लगी। उन्हें तत्काल ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। फायरिंग के बाद दोनों आरोपी मौके से भाग निकले। पुलिस टीम ने उनका पीछा किया और लोहता तक पहुंची।
आरोपियों की घेराबंदी की गई। आरोपियों ने दोबारा पुलिस टीम पर फायरिंग की। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में मुख्य आरोपी राज विश्वकर्मा के बाएं पैर में गोली लगी। उसके साथी भागने में सफल रहे। राज से पूछताछ के बाद पुलिस ने अंजनी झा और राजू तिवारी को ट्रेस किया।

प्रयागराज के रहने वाले हैं सिपाही अमित शुक्ला
घायल सिपाही अमित शुक्ला मूल रूप से प्रयागराज के लूकरगंज के रहने वाले हैं। उनके पिता का नाम सूर्य मणि शुक्ला है। परिवार में उनकी तीन साल की एक बेटी है।
अमित शुक्ला पिछले तीन साल से वाराणसी के लंका थाने में तैनात हैं। इससे पहले वह वाराणसी एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) में भी काम कर चुके हैं। उन्होंने एटीएस (आतंकवाद निरोधक दस्ता) से ट्रेनिंग भी ली है।
असलहों की होगी फारेंसिक जांच
डीसीपी गौरव बंसल ने बताया- सिपाही पर हमला करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। अंजनी झा और राजू तिवारी इस मामले के मुख्य कड़ियों में से एक थे। इनके पास से बरामद असलहों की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी, ताकि यह साबित हो सके कि इसी हथियार से सिपाही पर गोली चलाई गई थी। पुलिस अब इन बदमाशों के पूरे आपराधिक इतिहास और इनके मददगारों की कुंडली खंगाल रही है।



