चीफ़ एडिटर – अमर नाथ साहू
रिपोर्ट – सत्यम गुप्ता

दक्षिण भारतीय अभिनेता और निर्देशक पोसानी कृष्णा मुरली इन दिनों पत्नी कुसुमा लता के साथ काशी में हैं। शनिवार को दोनों ने बाबा विश्वनाथ के दर्शन-पूजन किए। रिक्शे से बनारस की गलियां घूमे।
अभिनेता ने पत्नी के लिए प्रसिद्ध बनारसी साड़ी खरीदी। स्थानीय बाजार और पुरानी गलियों में घूमकर उन्होंने काशी की संस्कृति और पारंपरिक माहौल को करीब से देखा।
पोसानी कृष्णा मुरली ने शहर में हुए विकास कार्यों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि काशी का बदला हुआ स्वरूप और यहां का वातावरण मुझे पसंद आया, इसलिए मेरा बार-बार यहां आने का मन करता है।

पत्नी के लिए खरीदी बनारसी साड़ी
पोसानी कृष्णा मुरली ने पत्नी कुसुमा लता के लिए बनारसी साड़ी खरीदी। उन्होंने साड़ी की बुनाई और इसकी खासियत के बारे में भी जानकारी ली। इसके बाद दोनों रिक्शे से काशी की गलियों में घूमे और रिक्शा चालक को 300 रुपये दिए।
बाबा विश्वनाथ के दरबार में लगाई हाजिरी
काशी भ्रमण के बाद पोसानी कृष्णा मुरली पत्नी कुसुमा लता के साथ श्री काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने बाबा विश्वनाथ का विधिवत दर्शन-पूजन किया। मंदिर से बाहर आने के बाद उन्होंने काशी की जमकर तारीफ की। अभिनेता ने कहा कि काशी उन्हें बहुत अच्छा शहर लगा।
पोसानी कृष्णा मुरली ने बताया कि वह इससे पहले भी फिल्म के सिलसिले में वाराणसी आ चुके हैं, लेकिन इस बार शहर का स्वरूप काफी बदला हुआ नजर आया। उन्होंने कहा कि पहले की तुलना में अब वाराणसी में काफी विकास हुआ है। शहर का बदला हुआ रूप और यहां का वातावरण उन्हें बेहद पसंद आया।
अभिनेता ने कहा कि काशी में आकर उन्हें काफी अच्छा महसूस हुआ। यहां का माहौल उन्हें इतना पसंद आया कि उनका मन बार-बार वाराणसी आने और कुछ समय यहां बिताने का करता है।
150 से ज्यादा फिल्मों के लिए लिखी पटकथा
पोसानी कृष्णा मुरली तेलुगु सिनेमा के बहुआयामी कलाकार हैं। वह अभिनेता होने के साथ-साथ पटकथा लेखक, निर्देशक और निर्माता के तौर पर भी काम कर चुके हैं। उन्होंने 150 से अधिक तेलुगु फिल्मों के लिए पटकथा और संवाद लेखन किया है।
इसके अलावा उन्होंने कई फिल्मों का निर्देशन भी किया है, जिनमें से कई व्यावसायिक रूप से सफल रही हैं। फिल्मों में अपने अलग अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले पोसानी कृष्णा मुरली ने लंबे समय तक तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री में काम किया है।
अभिनय, लेखन और निर्देशन के अलावा वह राजनीति में भी सक्रिय रहे हैं। वर्ष 2009 में उन्होंने आंध्र प्रदेश की चिलकलुरिपेट विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था। हालांकि, इस चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा।




