चीफ एडिटर – अमर नाथ साहू
डिस्ट्रिक रिपोर्टर – धनेश बदलानी

वाराणसी में गुरुवार को पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल और जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के हालातों का जायजा लिया। नमो घाट से पुराना पुल (सारनाथ) तक मोटर बोट से निकले पुलिस एवं प्रशासनिक अफसरों ने बाढ़ की स्थिति देखी।
नदियों के किनारे बसे लोगों से संवाद किया और बाढ़ के हालात में मदद का आश्वासन दिया। गंगा और वरुणा में बढ़ते जलस्तर पर बचाव, राहत और विस्थापन का ब्लूप्रिंट तैयार किया। बाढ़ प्रभावित को शिफ्ट करने के रास्ते और स्थानों पर चर्चा।
संवाद के दौरान अफसरों ने आमजन से अपील कि जलभराव एवं नदी क्षेत्रों में अनावश्यक आवागमन न करें तथा प्रशासन एवं पुलिस द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। किसी भी तरह के हालात में कंट्रोल रूम को सूचना दें।

गुरुवार शाम डीएम सत्येंद्र झा और सीपी मोहित अग्रवाल ने नमो घाट से पुराना पुल (सारनाथ) तक मोटर बोट से भ्रमण किया। गंगा के बढ़ते जलस्तर एवं वरुणा नदी में पलट प्रवाह को देखते हुए वाराणसी में पुलिस-प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।
अधिकारियों ने नदी किनारे रह रहे लोगों से सुरक्षित स्थानों एवं बाढ़ राहत केन्द्रों में जाने की अपील की तथा जर्जर भवनों में रह रहे परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने के निर्देश दिए। जल पुलिस, एनडीआरएफ एवं पीएसी फ्लड कम्पनी को संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने की बात कही।
स्थानीय लोगों से संवाद के दौरान लोगों को जागरूक करने तथा किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए गए। इसके बाद बाढ़ राहत शिविरों का निरीक्षण कर वहां रह रहे लोगों से भोजन, पेयजल, आवास, सुरक्षा एवं बच्चों की पढ़ाई की सुविधाओं की जानकारी ली गई।
डीएम ने बताया कि वर्तमान में 15 से अधिक राहत केन्द्रों में 1600 से अधिक लोग निवास कर रहे हैं। नागरिकों से नदी में तैराकी, स्टंटबाजी एवं लापरवाही से बचने की अपील की गई। निरीक्षण के दौरान डीसीपी गौरव बंसवाल, डीसीपी वरुणा प्रमोद कुमार, एडीसीपी वैभव बांगर, एडीसीपी लिपि नागयाच, समेत पुलिस एनडीआरएफ एवं प्रशासनिक अधिकारीगण मौजूद रहे।



