चीफ एडिटर – अमर नाथ साहू
क्राइम ब्यूरो – पंकज भाटिया

वाराणसी के चौबेपुर थाना क्षेत्र के गुरुवट गांव में 76 वर्षीय इंद्रावती देवी की सड़क दुर्घटना में मौत के बाद सड़क जाम करने के मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। चौबेपुर-बाबतपुर मुख्य मार्ग पर जाम लगाने के आरोप में बृजेश मिश्रा और अजय यादव समेत 45 लोगों को नामजद किया गया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की 8 धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इंद्रावती देवी का पोस्टमार्टम होने के बाद 5 नवंबर की शाम शव परिजनों को सौंपा गया था। शव घर पहुंचने के बाद ग्रामीणों ने चौबेपुर-बाबतपुर मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया। इससे सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। जाम में कई एंबुलेंस भी फंस गईं। पुलिस के काफी समझाने के बाद परिजन और ग्रामीण शांत हुए, जिसके बाद शव को रास्ते से हटाकर यातायात बहाल कराया गया।
चुनावी लाभ के लिए उकसाने का आरोप
थाना प्रभारी सधुबन राम गौतम के मुताबिक, इंद्रावती देवी का शव 5 नवंबर को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया था। परिजन अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान राजापुर गांव निवासी बृजेश मिश्रा और गुरुवट गांव निवासी अजय यादव पर परिजनों को आगामी विधानसभा और पंचायत चुनाव में राजनीतिक लाभ के लिए उकसाकर सड़क जाम कराने का आरोप है।
पुलिस के अनुसार, शाम करीब 6 बजे जाम लगने से आम लोगों के साथ मरीजों को भी परेशानी हुई। वाहनों की लंबी कतार लग गई और एंबुलेंस भी रास्ते में फंस गईं।
पुलिस ने समझाकर खुलवाया रास्ता, फिर दर्ज की FIR
थाना प्रभारी ने बताया कि जाम की सूचना पर पुलिस ने परिजनों से बातचीत शुरू की, लेकिन आरोप है कि बृजेश मिश्रा और अजय यादव उन्हें उकसाते रहे। काफी प्रयास के बाद लोगों को शांत कराया गया। इसके बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए पुलिस अभिरक्षा में भेजकर रास्ता खुलवाया गया।
देर रात चोलापुर थाने में थाना प्रभारी सधुबन राम गौतम की तहरीर पर बृजेश मिश्रा, अजय यादव समेत 45 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। इसमें BNS की धारा 61 (2)(b), 126(2), 189(2), 190, 221, 223(b), 285 और 292 लगाई गई हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।



